नीलेश हत्याकांड: महिलाओं सहित ग्रामीणों ने थाने के सामने लगाया जाम

नीलेश हत्याकांड: महिलाओं सहित ग्रामीणों ने थाने के सामने लगाया जाम

शिवपुरी, शिवम् पांडेय| पिछोर थाना क्षेत्र (Pichhor Police Station Area) के ग्राम पंचायत छिरवाहा में गुरुवार को कुएं में किशोर का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी| युवक घर से लापता था शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस (Police) मौके पर पहुंची और कुएं से शव निकालकर छानबीन शुरू कर दी| कहा जा रहा था कि मृतक का दोस्त उसे खेत में पानी देने के बहाने बुलाकर ले गया था। उस दोस्त की ही दादी ने मृतक के स्वजनों को बताया कि मेरे नाती ने तुम्हारे लड़के को मारकर कुएं में फेंक दिया है।

पुलिस ने घटना का खुलासा कर आरोपी सतेंद्र लोधी को गिरफ्तार कर लिया था। कुछ अन्य लोगो के नाम पुलिस को बताए जो नहीं लिखे थे। म्रतक के पिता करन सिंह का कहना है, की आरोपी पक्ष के लोग अब उन्हें धमका रहे हैं।

महिलाये बोली नकाब पहनकर आते हैं धमकाने
आज सुबह लगभग 10 बजे पिछोर थाने पर कुछ महिलाओं पुरुषों ने आकर अचानक जाम लगा दिया था। ये लोग पिछोर के छिरवाहा ग्राम पंचायत के लोग थे जो म्रतक नीलेश सेन के पिता करन सिंह सेन व परिवारजनों के साथ आये थे। करन सिंह के अनुसार जो लोग आकर धमकी दे रहे हैं और परेशान कर रहे हैं। उनमें लगभग सात आठ लोग हर रोज मुंह पर कपड़ा बांधकर आते हैं और परेशान करते हैं। जिन पर एफआईआर दर्ज की जाए और गिरफ्तार किया जाए। लगभग 1 घंटे तक परिजनों ने जाम लगाए रखा। बाद में एसडीओपी देवेंद्र सिंह कुशवाहा, टीआई अजय भार्गव ने समझाइश देकर जाम खुलवाया।

ये बोले एसडीओपी
इस मामले में एसडीओपी देवेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि मृतक के पिता का कहना है, कि आरोपी पक्ष के कुछ लोग हम लोगों को मारने की धमकी दे रहे हैं। खेती किसानी के काम में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जिनके हम बयान कराकर जांच उपरांत उन लोगों पर कार्रवाई करेंगे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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