टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य होने से लोग परेशान, एक किलोमीटर जाम लगा

टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य होने से लोग परेशान, एक किलोमीटर जाम लगा

शिवपुरी, मोनू प्रधान। 15 फरवरी रात 12 बजते ही देश में टोल नाकों पर फास्टैग कार्ड (fastag) अनिवार्य हो गया और कैश लेन बंद कर दी गई। इसके बाद भी बड़ी संख्या में टोल पर बिना फास्टैग के वाहन पहुंचे। गुना से शिवपुरी के बीच आने वाले पूरनखेड़ी टोल नाके पर वाहनों की लंबी कतार लग गई क्योंकि बड़ी संख्या में वाहन चालकों के पास फास्टैग कार्ड नहीं था। जब उनसे दोगुना टोल मांगा गया तो देने से मना किया और बहस भी की। हालांकि अंत में उन्हें दोगुना टोल टैक्स चुकाना ही पड़ा।

पूरनखेड़ी इस क्षेत्र में नेशनल हाइवे का सबसे महंगा टोल है। यहां पर एक ओर से 110 रुपये टोल टैक्स चुकाना पड़ता है। शिवपुरी से गुना के बीच यह एकमात्र टोल नाका है। कैश लेन बंद हो जाने के कारण यहां पर करीब 1 किमी का जाम लग गया। इसमें ऐसे वाहन चालक भी परेशान होते दिखे जिनके पास फास्टैग है। जिनके पास फास्टटैग नहीं था उन्हें गुना और शिवपुरी के बीच का सफर करने के लिए 220 रुपये का टोल टैक्स चुकाना पड़ा।जब वाहन चालकों से जब दोगुना टोल वसूला गया तो उन्होंने बहस भी की। वे तर्क दे रहे थे कि कल परसों तो डबल टोल नहीं लिया गया। इस पर टोल कर्मचारियों ने उन्हें केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी के आदेश की प्रति दिखाई। इसके बाद कहीं जाकर वे माने, लेकिन इस फेर में लंबा जाम लगता चला गया।

इस दौरान एक वाहन चालक ने बताया कि अभी दोपहर में शिवपुरी से गुना निकले थे तब टोल के 110 रुपये ले लिए। इसके बाद अब दोबारा गुना से शिवपुरी जा रहे हैं तो फिर से 220 रुपये ले लिए। कह रहे हैं कि केंद्र सरकार का आदेश है। एक बार के चक्कर में 440 रुपये का टोल लग गया। एक अन्य वाहन चालक ने कहा कि छपरा गांव से आ रहे हैं। वहां पर पहला टोल पड़ा तो 15 रुपये ही लिए। यहां पर कहने लगे कि कार्ड नहीं है तो डबल टोल लगेगा। मजबूरन 220 रुपये देने पड़े।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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