कांग्रेस को गड़बड़ी की आशंका, स्ट्रांग रूम के बाहर पहरेदारी कर रहे कार्यकर्ता

कांग्रेस को गड़बड़ी की आशंका, स्ट्रांग रूम के बाहर पहरेदारी कर रहे कार्यकर्ता

शिवपुरी, मोनू प्रधान| मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव (Byelection) 3 नवंबर को समाप्त हो गया है| चुनाव के खत्म होने के बाद नेता अपने परिवार के साथ फुर्सत के पल बिता रहे हैं| लेकिन कार्यकर्ता अब भी पसीना बहा रहे हैं| प्रत्याशियों के समर्थक अब भी घरों पर आराम नहीं कर रहे हैं बल्कि स्ट्रांग रूम (Strong room) के बाहर पहरेदारी करने में लगे हुए हैं|

शिवपुरी जिले में मतदान संपन्न होने के बाद जब से ईवीएम मशीन स्ट्रांग रूम में आए हैं तभी से दोनों विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी कार्यकर्ता चार चार घंटे के हिसाब से स्ट्रांग रूम के बाहर लगे सीसीटीवी पर बैठकर निगरानी करने में लगे हुए हैं| साथ ही सत्तारूढ़ बीजेपी पर गड़बड़ी की आशंका भी जता रहे हैं|

स्ट्रांग रूम के बाहर निगरानी पर मौजूद कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस तरीके से पिछले कुछ सालों में बीजेपी ने ईवीएम में हेराफेरी करके जीत दर्ज कराई है उससे हम लोग को आशंका है कि इस चुनाव में भी ऐसी ही कुछ गड़बड़ी हो सकती है| मध्य प्रदेश सरकार की महिला बाल विकास मंत्री और डबरा से प्रत्याशी इमरती देवी तो यह बात अपने बयान में भी कह चुकी हैं कि वह जो सीट चाहेंगी कलेक्टर उन्हें जिता कर देंगे, ऐसे में उनका निगरानी करना आवश्यक है|

कड़ाके की ठण्ड में रजाई ओढ़ कर गुजार रहे रात
शिवपुरी में रात का तापमान लगातार गिरता जा रहा है ऐसे में एक विपक्षी दलों के कार्यकर्ता रजाई ओढ़ कर रात में बैठकर निगरानी करने में लगे हुए हैं| शिवपुरी के शासकीय पीजी कॉलेज में स्ट्रांग रूम के बाहर कार्यकर्ताओं ने डेरा जमा लिया है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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