पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने BJP सरकार पर लगाया साढ़े 6 करोड़ के आटा घोटाले का आरोप, जांच की मांग

AJAY SINGH

सीधी/पंकज सिंह

पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता (congress leader) अजय सिंह (ajay singh) ने गरीबों को आटा बांटने के नाम पर 6 करोड़ (6 crore) से अधिक के घोटाले मामले में जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में भी गरीबों को आटा बांटने के नाम पर मंत्रिमंडल के रूप में एकमात्र मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान (shivraj singh chauhan) के नेतृत्व में 6 करोड़ से अधिक का आटा घोटाला हुआ है।

अजय सिंह (ajay singh) ने कहा कि पिछले 15 साल का प्रशासनिक अनुभव का लाभ कोरोना संकटकाल से निपटने की बजाय घोटाले में देखने को मिल रहा है। उन्होने कहा कि लॉकडाउन के समय गरीबों के साथ ही आम आदमी अपने जीवन निर्वाह के लिए संघर्ष कर रहा है। भोपाल (bhopal) में एक सब्जी वाले ने इस लिए आत्महत्या कर ली क्योंकि वह लॉक डाउन के कारण कमा नहीं पा रहा था जिससे उसके परिवार के सामने भूख का संकट खड़ा हो गया।  कई दानवीर और स्वयंसेवी संस्थाएं पहल कर उन गरीबों की मदद कर रही हैं वहीं भाजपा सरकार के नाम पर एकमात्र मुख्यमंत्री (cm) के रूप में शिवराजसिंह चौहान के शासनकाल में घोटाला हो रहा है।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उद्योग घरानों से गरीबों के नाम पर मदद मांगी जा रही है, लोग उदारता से दान भी दे रहे हैं तो क्या इन पैसों से शिवराज घोटाला करने के लिए धन वसूल कर रहे हैं। अजय सिंह ने कहा कि गरीब जरूरतमंद परिवारों को 17 लाख आटे के पैकेट बांटे जाने हैं। हर पैकेट में 1200 ग्राम आटा कम होने की शिकायत है। बाजार में 38 रूपये किलो के हिसाब से 1200 ग्राम आटे का 38 रूपये मूल्य हुआ, इस तरह पूरे मामले में साढ़े छह करोड़ का घोटाला होने का अनुमान है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर शिवराज जी पाक साफ़ हैं तो उन्हें इस पूरे आटा घोटाले की जांच करवाना चाहिए और उन लोगों को तत्काल दण्डित करना चाहिए।

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