रिलायंस ने पैसे बचाने ली लोगों की जान, अपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी हो: अजय सिंह

रिलायंस ने पैसे बचाने ली लोगों की जान, अपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी हो: अजय सिंह

सीधी| पंकज सिंह| सिंगरौली में रिलायंस पावर प्लांट के ऐश डेम फूटने की घटना को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह कम्पनी प्रबन्धन पर तत्काल अपराधिक प्रकरण दर्ज कर जवाबदेह लोगों की गिरफ्तारी करने की मांग की है | उन्होंने जारी बयान में कहा सिंगरौली में रिलायंस शासन पावर प्लांट ने पनी क्षमता के अनुरूप ऐश डैम नहीं बनाकर पैसे बचाए और हजारों लोगों का जीवन खतरे में डालकर उनकी जान ले ली | उनका यह कृत्य शर्मनाक है |

अजय सिंह ने कहा कि रिलायंस शासन पावर प्लांट ने अपनी क्षमता के अनुरूप ऐश डैम नहीं बनाये थे | न०टी०पी०सी० 4200 मेगावाट का पावर स्टेशन है जिसने 8 ऐश डैम बनाये हैं वहीं रिलायंस शासन पावर का 4000 मेगावाट का पावर स्टेशन है और मात्र 2 ऐश डैम बनाये गये हैं | ऐश डैम बनाने में जो पैसा खर्च करना था उसे बचाने के लिए कम्पनी ने लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया | श्री सिंह ने कहा कि ऐश डैम बनाने में 100 करोड़ बचाने के साथ ही ऐश डैम फूटने से ऐश के परिवहन का खर्च भी कम्पनी का बच गया | उन्होंने कहा कि कम्पनी ने मात्र 50- 60 लाख का मुआवजा बांटकर अपने करोड़ों रूपये बचाने का षड्यंत्र लोगों की जान की कीमत पर किया है |

श्री सिंह ने कहा कि इस अपराधिक षड्यंत्र की जांच के नाम पर दबाने का जो कृत्य किया जा रहा है इससे यह साबित हो रहा है कि शासन –प्रशासन भी अब उन्हें बचाने की साजिश रचने में लग गया है | पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आपराधिक प्रकरण बनता है जिसके तहत् कम्पनी प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की जाना चाहिए |

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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