गांजे की अवैध खेती करने के आरोप में 3 गिरफ्तार, 8 लाख के हरे पौधे बरामद

गांजे की अवैध खेती करने के आरोप में 3 गिरफ्तार, 8 लाख के हरे पौधे बरामद

सिंगरौली,राघवेन्द्र सिंह गहरवार

नशे के विरुद्ध सिंगरौली पुलिस द्वारा अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही की गई है। गांव में अवैध रूप से गांजे की खेती के कारोबार का खुलासा करते हुए पुलिस ने 116 किलो गांजे के हरे पौधे बरामद किए हैं। इनकी कीमत 8 लाख से ज्यादा बताई जा रही है जिसके साथ पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि अनाज की खेती छोड़ लोग गांजे की फसल उगाने में लगे हैं जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।

मामला सिंगरौली जिले के चितरंगी क्षेत्र के सुलखान एवं लालमाटी ग्राम का है, जहां कुछ लोग अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती में लगे थे। गौरतलब है कि अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही के तहत सक्रिय पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम सुलखान में छोटे सिंह के यहां भारी मात्रा में गांजे की फसल लगाई गई है एवं लालमाटी में सिरपत प्रसाद अगरिया एवं महावीर खैरवार के यहां भी भारी मात्रा में गांजे की फसल उगाई जा रही है। इस पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेन्डे व एसडीओपी नीरज नामदेव के मार्गदर्शन में तीन टीमें गठित की गई। जिसके बाद पहली टीम उपनिरीक्षक मनोज सिंह के नेतृत्व में सुलखान रवाना हुई। टीम ने छोटे सिंह पिता सोनसाह सिंह उम्र 55 वर्ष साकिन सुलखान भलदर टोला के घर से 43 गांजे के पौधे प्राप्त किए गए। वहीं दूसरी टीम में लगे सहायक उपनिरीक्षक लालमणि साकेत ने लालमाटी में सिरपत प्रसाद अगरिया पिता बबई अगरिया उम्र 45 वर्ष साकिन लालमाटी के यहां दबिश देकर गाँजे के 30 पेड़ बरामद किए। पुलिस की तीसरी टीम का नेतृत्व कर रहे सहायक उपनिरीक्षक गुलाब वर्मा ने ग्राम लालमाटी के महावीर खैरवार पिता रामसुंदर खैरवार उम्र 55 वर्ष के यहां छापेमारी कर लगाए गए गांजे के 42 पौधे बरामद किए।

तीनों के यहां से गांजे की खेती जब्ती कर पृथक पृथक अपराध क्रमांक 279/20, 280/20, 281/20 धारा 8/20 (ए) स्वापक औषधि और मन प्रभावित पदार्थ अधिनियम 1985 की कायमी कर विवेचना में लिया गया। सिंगरौली पुलिस के द्वारा गांजे की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है।

इस कार्यवाही में निरीक्षक संतोष तिवारी, उपनिरीक्षक सरनाम सिंह, उपनिरीक्षक विनय शुक्ला, मनोज सिंह, सहायक उपनिरीक्षक साहब लाल सिंह, लालमणि साकेत, प्रधान आरक्षक नीरज सिंह, अशोक सिंह, अमर सिंह, रमेश प्रजापति, विशेश्वर साकेत, आरक्षक गुलाब सिंह, प्रमिश झिल्ले, अनूप यादव, अर्जुन सिंह, संजीव सिंह, प्रमोद वैश्य, विपिन पांडेय, सौरव सिंह, महेश सिंह, अजीत उपाध्याय, चंद्रकेश एवं निरंजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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