सिक्योरिटी गार्ड कर रहा मरीजों का इलाज, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, CMHO ने BMO को जारी किया नोटिस

स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है उनका कहना है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स कहाँ थे? यदि अस्पताल में गैर-प्रशिक्षित कर्मचारी मरीजों का उपचार कर रहे हैं, तो मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
Security guard injecting patients video goes viral

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सिंगरौली जिले के चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में अस्पताल का सुरक्षा गार्ड मरीजों को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाते और कथित तौर पर इंजेक्शन लगाते दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि चितरंगी अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण इलाज की जिम्मेदारी गार्ड और वार्ड बॉय के भरोसे चल रही है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी वार्ड बॉय द्वारा मरीजों को इंजेक्शन लगाने और ड्रिप चढ़ाने के वीडियो सामने आ चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ।

वीडियो बनाने वाले का दावा, उसने टोका तो गार्ड बोला – जो करना है कर लो 

सिक्योरिटी गार्ड द्वारा ग्लूकोज की बोतल चढ़ाये जाने का वीडियो रिकॉर्ड करने वाले राकेश मौर्य ने बताया कि जब उन्होंने गार्ड द्वारा मरीजों का उपचार किए जाने पर आपत्ति जताई, तो उस गार्ड ने जवाब दिया, “जो करना है कर लो।” उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए मरीजों की जान जोखिम डालने वाला माना और इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

डॉक्टर और नर्स की गैर मौजूदगी, मरीजों की सुरक्षा पर सवाल 

घटना को लेकर लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि दोपहर करीब 2 बजे जब यह पूरा घटनाक्रम हो रहा था, उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और नर्स कहाँ थे? यदि अस्पताल में गैर-प्रशिक्षित कर्मचारी मरीजों का उपचार कर रहे हैं, तो मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

CMHO ने BMO को नोटिस जारी किया, माँगा स्पष्टीकरण 

मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बातचीत में कहा कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद चितरंगी के बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

लोगों की मांग, मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जाए 

इधर स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार सामने आ रही लापरवाहियां मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं। लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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