जबलपुर हाई कोर्ट की कॉन्फ्रेंसिंग वीडियो एडिट करने वाला गिरफ्तार, खुद को बताता था सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर

न्यायालय के संबंध में इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री वायरल होने के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
Singrauli police arrested accused

Singrauli police arrested accused

जबलपुर हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के एक वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताने वाले एक युवक को सिंगरौली जिले की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बैढ़न पुलिस ने कोतवाली थाना खुटार चौकी क्षेत्र पिपराझाँपी निवासी अमित कुमार तिवारी को पकड़ा है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक यह मामला करीब 4 महीने पुराना है। आरोपी अमित कुमार तिवारी ‘प्रचंड प्रहार’ नाम से एक फेसबुक आईडी चला रहा था। उसने जबलपुर हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एक वीडियो डाउनलोड किया, इसके बाद उसने वीडियो में एडिटिंग की और खुद को सुप्रीम कोर्ट का लीगल एडवाइजर बताते हुए हाई कोर्ट के जज को ही निर्देश देने जैसा एक आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया। इस फर्जी वीडियो को उसने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर दिया, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो गया।

हाईकोर्ट ने खुद लिया संज्ञान, दर्ज हुई एफआईआर

न्यायालय के संबंध में इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री वायरल होने के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने खुद इस मामले का संज्ञान लिया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। सोमवार को हाई कोर्ट के आदेश के बाद सबसे पहले जबलपुर के सिविल लाइन थाने में ‘शून्य’ (Zero) पर एफआईआर दर्ज की गई। बाद में केस डायरी को जांच के लिए सिंगरौली के बैढ़न थाने ट्रांसफर कर दिया गया। बैढ़न थाना पुलिस ने आरोपी अमित कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4), 353(2), 356(2), 319(2), 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया

आरोपी ने कबूला जुर्म, मोबाइल-उपकरण जब्त

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी अमित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने माना कि उसी ने यह वीडियो एडिट किया था और अपने फेसबुक पेज पर वायरल किया था। पुलिस ने वीडियो बनाने और उसे अपलोड करने में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल को जब्त कर लिया है।

पुलिए ने सख्त एक्शन की दी चेतावनी 

एसपी शियाज के एम ने बताया कि सोशल मीडिया पर अदालत या किसी भी संवैधानिक संस्था के खिलाफ भ्रामक, झूठी और आपत्तिजनक सामग्री डालना कानूनन गंभीर अपराध है। पुलिस ऐसे मामलों और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार नजर रख रही है। कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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