अतिथि शिक्षक चयन में फर्जीवाड़ा, प्रभारी प्राचार्य निलंबित, DEO की जाँच रिपोर्ट के बाद एक्शन

संयुक्त संचालक ने माड़ा स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को अतिथि शिक्षक फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद DEO की जाँच रिपोर्ट के आधार पर निलंबित कर दिया है ।
Singrauli school acting principal suspended

Singrauli school acting principal suspended

सिंगरौली जिले में अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, रीवा संभाग ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माड़ा के प्रभारी प्राचार्य रामलल्लू शाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

प्राचार्य ने की दस्तावेजों में गड़बड़ी 

जांच में सामने आया कि माड़ा विद्यालय में अतिथि शिक्षक चयन के दौरान अभ्यर्थी सत्या जायसवाल के दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई। उनकी बीएड प्रथम वर्ष की अंकसूची जून 2025 में जारी होना दर्ज थी। बाद में दस्तावेज अपलोड कर स्कोर में कथित तौर पर 100 अंक बढ़ा दिए गए, जिससे कुल स्कोर 178.75 हो गया। जांच के अनुसार प्रभारी प्राचार्य ने दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन नहीं किया और चयन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया।

एक अन्य मामले में भी आरोपी 

जांच में बरौहा विद्यालय से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया। मन्नू प्रसाद शर्मा ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी अमिता शर्मा का स्कोर 170.53 था, इसके बावजूद 156.46 अंक वाली सरोजवती कुशवाहा का चयन कर लिया गया। मामले में प्रभारी प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसे जांच के दौरान असंतोषजनक पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद प्रभारी प्राचार्य के निलंबन की अनुशंसा की गई।

संयुक्त संचालक ने किया निलंबित 

संयुक्त संचालक ने मामले को मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत गंभीर कदाचरण मानते हुए नियम 9 के अंतर्गत रामलल्लू शाह को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, देवसर कार्यालय निर्धारित किया गया है ।इस कार्रवाई के बाद अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। विभागीय कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि चयन प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।

राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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