एनसीएल कर्मचारी की मां की मौत, पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट, कन्फर्म करने रीवा भेजा सैम्पल

एनसीएल कर्मचारी की मां की मौत, पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट, कन्फर्म करने रीवा भेजा सैम्पल

सिंगरौली//राघवेन्द्र सिंह गहरवार| सिंगरौली जिले (Singrauli District) में भी कोरोना (Corona) का कहर चितरंगी विधानसभा में अपना पैर पसार चुका है | जिले में संक्रमितों की संख्या कुल 11 थी लेकिन आज सिंगरौली विधानसभा में एक एनसीएल कर्मचारी की 75 वर्षीय माँ का निधन हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला का इलाज गोरखपुर में चल रहा था| कल इनका परिवार गोरखपुर से बैढन आया था और शाम को जिला चिकित्सालय में स्वयं के वाहन से जाकर सैम्पल जांच के लिए दिया था

TrueNat मशीन में महिला का रिजल्ट पॉजिटिव आया था, महिला काफी लंबे समय से बीमार चल रही थी लेकिन आज महिला की घर पर ही शाम को मृत्यु हो गई, जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण को कन्फर्म करने के लिए बैढन में पॉजिटिव आया रिजल्ट की पुष्टि के लिए रीवा सैम्पल भेजा गया है | लेकिन प्रथम दृष्टवा उन्हें कोरोना पॉजिटिव ही माना जा रहा है बाकी रीवा के जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि होगी। वही अगर रीवा का रिजल्ट भी पॉजिटिव आता है तो सिंगरौली जिले में ये कोरोना संक्रमण की संख्या 12 मानी जायेगी | जिसमे से एक कि मृत्यु हुई है लेकिन अभी कन्फर्म नही है कि महिला की मृत्यु कोरोना से हुई या अन्य बीमारी से क्योकि जिला अस्पताल के जांच रिपोर्ट पर कुछ भी कहना अभी उचित नही होगा|

वही जिला कलेक्टर के.वी.एस चौधरी ने बताया कि महिला का अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल के तहत पूरी सावधानी से एहतियात के साथ किया जायेगा|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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