
Singrauli Tractors loaded illegal sand seized
मध्य प्रदेश में डीजीपी, आईजी और सिंगरौली पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध कारोबार पर जीरो टॉलरेंस की मुहिम लगातार चलाई जा रही है, लेकिन नौडिहवा चौकी क्षेत्र की तस्वीर इस पूरे अभियान को कटघरे में खड़ा करती नजर आ रही है। बड़रम घाट, सोन नदी में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन रातभर बेखौफ तरीके से चलता रहा, और स्थानीय चौकी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रात करीब 3 बजे सोन घड़ियाल अभ्यारण की टीम ने दबिश देकर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए। यह कार्रवाई सिर्फ ट्रैक्टर पकड़ने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने चौकी स्तर की निगरानी, गश्त और जवाबदेही की परतें भी उधेड़ दीं।
किसके संरक्षण मन चल रहा खेल
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जिले के पुलिस कप्तान लगातार सख्ती का संदेश दे रहे हैं, तब नौडिहवा चौकी क्षेत्र में आखिर किसके भरोसे रेत माफिया सोन नदी का सीना चीरते रहे? क्या चौकी पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों में थी, या फिर इस पूरे खेल को मौन संरक्षण हासिल था?
लोगों का कहना ये एक संगठित अपराध
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक रात की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से रात के अंधेरे में चल रहा संगठित खेल है। ऐसे में सवाल और भी तीखा हो जाता है कि अगर अवैध रेत ढुलाई लगातार हो रही थी, तो चौकी की आंखें आखिर बंद क्यों रहीं? एक तरफ ऊपर बैठकों में सख्ती के दावे होते रहे, नीचे सोन नदी से रेत निकलती रही—क्या चौकी स्तर पर आदेश पहुंचते-पहुंचते असर खत्म हो जाता है?
अभ्यारण्य के एक्शन की हो रही तारीफ
अब हर तरफ चर्चा है कि अगर अभ्यारण की टीम रात 3 बजे दबिश न देती, तो क्या नौडिहवा चौकी की नाक के नीचे रेत माफियाओं का यह सिंडिकेट यूं ही रात दर रात सोन नदी को छलनी करता रहता?
ये कहना है अभ्यारण्य प्रबंधन का
सोन घड़ियाल अभ्यारण के रेंजर चतुर सिंह का कहना है कि लंबे समय से बड़े स्तर पर रेत का अवैध उत्खनन चल रहा था। सूचना पर घेराबंदी कर तीन ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त कर कार्यवाही करते हुए।नौडीहवा चौकी में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया है।आगे राज सात की कार्यवाही की जाएगी।
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