
मध्य प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपब्धता और वितरण व्यवस्था पर कड़ी निगरानी के बाद भी कालाबाजारी करने में माहिर कुछ शातिर व्यापारी किसानों को ठगने की कोशिश में लगे रहते हैं, ऐसा ही एक मामला सिंगरौली जिले में सामने आया लेकिन किसानों के साथ ठगी हो पाती उससे पहले ही कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापामार कार्यवाही करते हुए 900 बोरी यूरिया खाद भरे ट्रक को पकड़ लिया।
सिंगरौली के सरई इलाके में बुधवार सुबह कृषि विभाग और पुलिस की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से किसानों को महंगे दाम पर यूरिया खाद बेचते हुए पकड़ा। ट्रक में 900 बोरी यूरिया लोड थी, जिसे बरगमा रैक प्वाइंट से मां भगवती किसान बीज भंडार के गोदाम ले जाया जाना था। आरोप है कि सरकारी रेट 266 रुपए प्रति बोरी के बजाय किसानों से 450 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से वसूली की जा रही थी।
कृषि विभाग और पुलिस का संयुक्त एक्शन
बताया जा रह है कि सरई बाजार में बुधवार सुबह यह ट्रक पहुंचा और वहां से सीधे किसानों को यूरिया की बिक्री शुरू हो गई। स्थानीय लोगों को शक हुआ कि दाम ज्यादा वसूले जा रहे हैं। इसकी शिकायत कृषि विभाग और पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही सहायक कृषि अधिकारी लवकुश सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और ट्रक को जब्त कर लिया।
ट्रक से सीधे बाजार में बिक्री नियम विरुद्ध
अधिकारियों ने बताया कि बरगमा रैक प्वाइंट से यूरिया की खेप मां भगवती किसान बीज भंडार के गोदाम में पहुंचनी थी। विक्रेता के पास खाद बेचने का लाइसेंस तो है, लेकिन नियम के मुताबिक ट्रक से सीधे बाजार में बिक्री नहीं की जा सकती। पहले खाद को गोदाम में स्टॉक करना जरूरी है, फिर लाइसेंसधारी दुकान से ही बिक्री की अनुमति होती है।
450 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से बेची जा रही थी यूरिया खाद
सरकारी तय रेट के मुताबिक यूरिया की कीमत 266 रुपए प्रति बोरी है। इसके बावजूद किसानों से औसतन 450 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से वसूली की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि बीच बाजार में ट्रक से ही बिक्री नियमों के खिलाफ है। कृषि विभाग ने 900 बोरी यूरिया जब्त कर ली है और पूरी खेप की जांच की जा रही है। सहायक कृषि अधिकारी लवकुश सिंह ने बताया कि अगर आरोप सही पाए गए तो विक्रेता का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

सिंगरौली से राघवेन्द्र सिंह गहरवार की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

