महिला एशिया कप 2026 में पाकिस्तान की दूसरी खिलाड़ी पर ICC की कार्रवाई हुई है। दरअसल हांगकांग के खिलाफ 7 सितंबर को खेले गए ग्रुप-ए मुकाबले में गुल फिरोजा को अंपायर ने LBW आउट दिया था। फैसले के बाद गुल ने अपनी नाराजगी जाहिर की और इशारे से बताया कि गेंद बल्ले के किनारे से लगी थी। उनकी इस प्रतिक्रिया को ICC आचार संहिता का उल्लंघन माना गया। इसके बाद गुल पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया।
दरअसल यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब इससे पहले भारत के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना भी ICC की कार्रवाई का सामना कर चुकी हैं। 5 सितंबर को भारत के खिलाफ मैच के दौरान फातिमा ने शेफाली वर्मा को आउट करने के बाद ‘सेंड ऑफ’ का इशारा किया था। उस मामले में भी ICC ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। अब गुल फिरोजा के मामले में हुई सजा के बाद महिला एशिया कप में पाकिस्तान की टीम से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का एक और मामला सामने आया है।
गुल फिरोजा पर 10% मैच फीस का जुर्माना
वहीं ICC की ओर से जारी रिलीज के मुताबिक गुल फिरोजा को खिलाड़ियों और प्लेयर सपोर्ट स्टाफ के लिए ICC आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। यह नियम अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के फैसले पर असहमति जताने से जुड़ा है। इसी उल्लंघन के कारण गुल पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। जुर्माने के साथ उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है। ICC के मुताबिक यह पिछले 24 महीने के अंदर गुल फिरोजा का दूसरा अपराध है।
कुल डिमेरिट पॉइंट 2 हो गए
दरअसल इस अवधि में उनके कुल डिमेरिट पॉइंट अब 2 हो गए हैं। इससे पहले उन्हें 23 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी20 वर्ल्ड कप के लीग मैच के दौरान हुए अपराध के लिए एक डिमेरिट पॉइंट मिला था। यानी मौजूदा 24 महीने की अवधि में उनके खिलाफ यह दूसरी अनुशासनात्मक कार्रवाई है। गुल फिरोजा ने इस मामले में अपना अपराध मान लिया। उन्होंने ICC की ओर से दी गई सजा को स्वीकार कर लिया, इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। सजा ICC इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी की सदस्य सुप्रिया रानी दास के जरिए दी गई।
जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल हांगकांग के खिलाफ मुकाबले में यह घटना पाकिस्तान की पारी के पांचवें ओवर के दौरान हुई। गुल फिरोजा को ऑन-फील्ड अंपायर ने LBW आउट करार दिया। फैसले के बाद गुल ने अंपायर के निर्णय पर अपनी असहमति जताई। उन्होंने बल्ले की तरफ इशारा करते हुए बताया कि गेंद उनके बल्ले के किनारे से लगी थी और इसी वजह से वह फैसले से सहमत नहीं थीं।






