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ODI में भारत को घर में हराना लगभग नामुमकिन, 50 साल में सिर्फ 5 टीमें ही जीतीं सीरीज, जानिए क्या न्यूजीलैंड ने किया यह काम?

Written by:Rishabh Namdev
Published:
भारतीय क्रिकेट टीम का वनडे फॉर्मेट में घरेलू मैदान पर दबदबा रहा है। पिछले करीब पांच दशकों में केवल पांच विदेशी टीमें ही भारत को उसी की धरती पर वनडे सीरीज में हरा सकी हैं। इस लिस्ट में पाकिस्तान शीर्ष पर है, जबकि न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम आज तक यह कारनामा नहीं कर पाई है।
ODI में भारत को घर में हराना लगभग नामुमकिन, 50 साल में सिर्फ 5 टीमें ही जीतीं सीरीज, जानिए क्या न्यूजीलैंड ने किया यह काम?

भारतीय क्रिकेट टीम को उसी के घर में वनडे सीरीज में हराना किसी भी विदेशी टीम के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए टीम इंडिया ने दुनिया की बड़ी-बड़ी टीमों को मात दी है। आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि पिछले लगभग 50 सालों में गिनी-चुनी टीमें ही भारत में वनडे सीरीज जीतने में कामयाब हो पाई हैं।

दिलचस्प बात यह है कि न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीम भी अब तक भारत में कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं जीत सकी है। कीवी टीम ने कई बार कोशिश की, लेकिन हर बार उसे नाकामी ही हाथ लगी।

वो 5 टीमें जिन्होंने भारत को घर में हराया

भारत ने 1974 में वनडे क्रिकेट खेलना शुरू किया था। तब से लेकर अब तक केवल 5 देश ही ऐसे हैं, जिन्होंने भारत दौरे पर आकर वनडे सीरीज पर कब्जा जमाया हो। इस मामले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड सबसे शानदार रहा है।

भारत में वनडे सीरीज जीतने वाली टीमें:

  • पाकिस्तान: 6 बार
  • ऑस्ट्रेलिया: 5 बार
  • वेस्टइंडीज: 4 बार
  • दक्षिण अफ्रीका: 1 बार
  • इंग्लैंड: 1 बार

इन आंकड़ों से साफ है कि पाकिस्तान ने सबसे ज्यादा 6 बार भारत को उसी के घर में वनडे सीरीज में पटखनी दी है। वहीं, पांच बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया 5 सीरीज जीतकर दूसरे स्थान पर है। एक समय की सबसे खतरनाक टीम मानी जाने वाली वेस्टइंडीज ने यह कारनामा 4 बार किया है।

न्यूजीलैंड का इंतजार बरकरार

न्यूजीलैंड की टीम अब तक भारत की धरती पर 7 बार वनडे सीरीज खेल चुकी है, लेकिन उसे हर बार हार का सामना करना पड़ा है। दोनों टीमों के बीच भारत में अब तक कुल 42 वनडे मैच खेले गए हैं। इनमें से 32 मैचों में टीम इंडिया ने जीत हासिल की, जबकि कीवी टीम सिर्फ 9 मैच ही जीत सकी। एक मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकला।

आंकड़े बताते हैं कि भारत का अपनी घरेलू सरजमीं पर रिकॉर्ड कितना मजबूत है। भविष्य में जब भी कोई टीम भारत दौरे पर आएगी, तो उसके लिए इस ऐतिहासिक चुनौती को पार पाना आसान नहीं होगा।