भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट का दूसरा दिन रविवार, 16 अगस्त को तय समय से पहले शुरू होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दूसरे दिन का खेल भारतीय समय के अनुसार सुबह 9:45 बजे शुरू किया जाएगा। भारत और श्रीलंका के समय में कोई अंतर नहीं है, इसलिए गॉल में मैच शुरू होने का समय भारत में भी यही रहेगा। पहले दिन बारिश और खराब रोशनी की वजह से मुकाबला तय समय तक नहीं चल सका। ऐसे में दूसरे दिन अतिरिक्त समय निकालकर ज्यादा खेल कराने की कोशिश की जाएगी।
जानकारी दे दें कि पहले दिन भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी और शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया। 73 ओवर के बाद भारतीय टीम ने 2 विकेट पर 288 रन बना लिए थे। देवदत्त पडिक्कल 131 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि ऋषभ पंत 27 रन पर उनका साथ दे रहे हैं। इस स्थिति में दूसरे दिन भारत की नजर तेजी से स्कोर बढ़ाने पर होगी, वहीं श्रीलंका जल्द विकेट लेकर मुकाबले में वापसी करना चाहेगा।
जानिए ज्यादा ओवर क्यों कराए जाएंगे?
पहले दिन बारिश और खराब रोशनी के कारण सिर्फ 73 ओवर ही फेंके जा सके। आम तौर पर टेस्ट मैच में एक दिन करीब 90 ओवर का खेल कराने का लक्ष्य रहता है। ऐसे में पहले दिन के छूटे हुए ओवरों की कुछ भरपाई दूसरे दिन की जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूसरे दिन 98 ओवर तक कराने की संभावना है। यानी सामान्य दिन की तुलना में करीब आठ ओवर ज्यादा खेले जा सकते हैं।
इस बदलाव का सीधा असर मुकाबले की रणनीति पर भी पड़ेगा। भारत इस समय काफी मजबूत स्थिति में है और उसके पास पिच पर दो सेट बल्लेबाज मौजूद हैं। देवदत्त पडिक्कल ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया है और 131 रन पर नाबाद हैं। वहीं ऋषभ पंत भी 27 रन बनाकर क्रीज पर हैं। अगर दोनों शुरुआती सत्र में अच्छी साझेदारी करते हैं तो भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने की स्थिति में पहुंच सकता है। श्रीलंका के लिए दूसरे दिन का शुरुआती सत्र बेहद अहम होगा। गॉल की पिच पर जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद रहती है। इसलिए मेजबान टीम जल्दी विकेट लेने की कोशिश करेगी, ताकि भारत को 400 रन के पार जाने से पहले रोका जा सके।
भारत का पहला दिन रहा शानदार
पहले दिन भारत की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी कहानी देवदत्त पडिक्कल का शतक रही। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे पडिक्कल ने शानदार धैर्य दिखाया और दिन का खेल खत्म होने तक 131 रन बनाकर नाबाद रहे। यह उनके टेस्ट करियर का पहला शतक है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में लंबे समय तक क्रीज पर टिककर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इससे पहले यशस्वी जायसवाल 32 रन बनाकर रन आउट हुए, जबकि कप्तान शुभमन गिल 16 रन बनाकर प्रभात जयसूर्या की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद केएल राहुल और पडिक्कल ने पारी को संभाला। दोनों के बीच अच्छी साझेदारी हुई और भारत का स्कोर तेजी से आगे बढ़ा। राहुल 77 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। उन्हें हाथ-पैरों में ऐंठन की परेशानी हुई थी, लेकिन भारतीय टीम की ओर से बाद में बताया गया कि यह गंभीर चोट नहीं है और वह अब ठीक हैं।
राहुल के मैदान से बाहर जाने के बाद ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए और दिन का खेल खत्म होने तक 27 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत के पास अभी भी कई प्रमुख बल्लेबाज बाकी हैं।






