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विनेश फोगाट का एशियन गेम्स में हिस्सा लेने का सपना हुआ चकनाचूर, ट्रायल्स में मीनाक्षी गोयत ने दी करारी शिकस्त

Written by:Shyam Dwivedi
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भारतीय कुश्ती को हिला देने वाले एक बड़े उलटफेर में, दिग्गज विनेश फोगाट का एशियाई खेलों का सपना टूटा, लेकिन उनकी 'मैं वापस आऊंगी' की ललकार ने लाखों खेल प्रेमियों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है।
विनेश फोगाट का एशियन गेम्स में हिस्सा लेने का सपना हुआ चकनाचूर, ट्रायल्स में मीनाक्षी गोयत ने दी करारी शिकस्त

भारतीय कुश्ती के गलियारों में शनिवार को उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट का एशियाई खेलों में हिस्सा लेने का सपना चकनाचूर हो गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेल ट्रायल्स के सेमीफाइनल में उन्हें युवा और तेज़-तर्रार पहलवान मीनाक्षी गोयत के हाथों अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। यह हार केवल एक मुकाबला नहीं थी, बल्कि विनेश के लिए 2026 एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीदों पर पानी फेरने वाली थी, जिसने पूरे खेल जगत को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है।

विमेंस 53 किलो भारवर्ग के इस रोमांचक मुकाबले में मीनाक्षी ने विनेश को 6-4 से शिकस्त दी। इस हार के बाद जहां एक ओर विनेश के प्रशंसक निराश थे, वहीं दूसरी ओर उनका प्रतिक्रिया पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। हार के तुरंत बाद विनेश मैट से बाहर निकल गईं, लेकिन कुछ ही पलों में वह वापस लौटीं और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह की ओर इशारा करते हुए दृढ़ता से कहा, “मैं वापस आऊंगी।” विनेश का यह बयान उनकी जुझारू प्रवृत्ति और हार न मानने की भावना को दर्शाता है, जिसने लाखों खेल प्रेमियों के बीच एक नई उम्मीद जगाई है। यह सिर्फ एक खिलाड़ी का बयान नहीं, बल्कि एक योद्धा का संकल्प था, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी वापसी का ऐलान कर रहा था।

मीनाक्षी ने विनेश फोगाट को वापसी का मौका नहीं दिया

मुकाबले की बात करें तो मीनाक्षी गोयत ने शुरुआत से ही अपनी आक्रामक कुश्ती का प्रदर्शन किया। उन्होंने विनेश जैसी अनुभवी पहलवान को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और लगातार अंक बटोरती रहीं। विनेश ने अपने अनुभव और दमखम के बलबूते वापसी की भरसक कोशिश की, लेकिन युवा मीनाक्षी ने दबाव बनाए रखा और अंततः 6-4 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत मीनाक्षी के लिए बेहद खास मानी जा रही है, जो पिछले कुछ समय से शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 2026 एशियाई रेसलिंग चैम्पियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर पहले ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया था। किर्गिस्तान के बिश्केक में हुए उस टूर्नामेंट के बाद अब एशियाई खेल ट्रायल्स में विनेश फोगाट जैसी स्टार को हराना मीनाक्षी के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा और यह भारतीय महिला कुश्ती में नई पीढ़ी के तेजी से आगे बढ़ने का स्पष्ट संकेत है।

ट्रायल्स में एंट्री को लेकर WFI से चला लंबा विवाद

विनेश फोगाट के लिए यह हार और भी महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि उनका भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। महासंघ लगातार विनेश फोगाट की ट्रायल्स में एंट्री का विरोध कर रहा था। डब्ल्यूएफआई ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने देने के निर्देश दिए गए थे। यह कानूनी लड़ाई काफी समय तक चली, लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद ही विनेश के लिए ट्रायल्स में उतरने का रास्ता साफ हो सका। इस पूरे घटनाक्रम ने भारतीय कुश्ती में एक नई बहस छेड़ दी थी, जहां खिलाड़ियों के अधिकारों और महासंघ के नियमों के बीच टकराव देखने को मिल रहा था।

यह पहली बार नहीं था जब विनेश को महासंघ की तरफ से ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। तीन बार ओलंपिक खेल चुकी विनेश फोगाट पहले 57 किलोग्राम वर्ग में वापसी करने की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का फैसला किया था, लेकिन वहां भी डब्ल्यूएफआई ने उन्हें खेलने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद यह मामला भी कोर्ट तक पहुंचा और फिर से कानूनी लड़ाई शुरू हुई। इन सभी मुश्किलों के बावजूद, विनेश ने हार नहीं मानी और अपनी लड़ाई जारी रखी। आखिरकार, उन्हें कानूनी रूप से राहत मिली और वह एशियाई खेल ट्रायल्स में उतर सकीं। मीनाक्षी के हाथों हार ने भले ही उनका तात्कालिक सपना तोड़ दिया हो, लेकिन “मैं वापस आऊंगी” का उनका बयान यह दर्शाता है कि यह अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है, जहां एक खिलाड़ी विपरीत परिस्थितियों से लड़कर फिर से शिखर पर पहुंचने का संकल्प ले रही है। यह घटना भारतीय खेलों में संघर्ष, दृढ़ता और वापसी की एक नई गाथा लिखने वाली है, जिस पर देश की निगाहें टिकी रहेंगी।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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