भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी ने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच पर निशाना साधते हुए कहा है कि अब टीम को नए हेड कोच की जरूरत है। दरअसल पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी का कहना है कि गौतम गंभीर कोच पद के लिए उपयुक्त व्यक्ति नहीं थे। अब भारतीय क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट में नए हेड कोच की जरूरत है। यह बयान साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद आया है। हाल ही में साउथ अफ्रीका और भारत के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई थी, जिसमें भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा।
साउथ अफ्रीका ने भारत को टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया है। इस सीरीज के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। इसी से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मनोज तिवारी भी नाखुश दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच पर निशाना साधा है।
यह दीवार पर लिखा जा सकता था : मनोज तिवारी
दरअसल साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के जवाब दिए। गौतम गंभीर कई सवालों से बचते हुए नजर आए, जिसे लेकर मनोज तिवारी ने आपत्ति जताई और कहा कि “ईमानदारी से कहूं तो यह दीवार पर लिखा जा सकता था कि ऐसा होना ही था। मुझे पता था कि चीजें सही नहीं की जा रही हैं। जिस प्रक्रिया का पालन गौतम गंभीर कर रहे थे, वह सही रणनीति या योजना नहीं थी। टीम में लगातार काफी बदलाव हुए और कई खिलाड़ी बाहर हुए, जो इसका सबूत है। यही कारण है कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी भारतीय टीम का ऐसा प्रदर्शन दिखाई दिया।”
अब नए हेड कोच की जरूरत है
वहीं इस दौरान मनोज तिवारी ने हेड कोच पर निशाना साधते हुए कहा कि अब भारतीय टेस्ट टीम को नए हेड कोच की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “निश्चित ही भारत को टेस्ट क्रिकेट में अब नए हेड कोच की जरूरत है। जल्द ही फैसला किया जाए जिससे भारतीय क्रिकेट को बचाया जा सके, जो बहुत खराब स्तर तक पहुंच चुका है।” मनोज तिवारी ने हेड कोच गौतम गंभीर की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि गंभीर दावा कर रहे हैं कि युवाओं की टीम के साथ इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ की। मेरे विचार में इंग्लैंड सीरीज हमारे लिए बेहतर नतीजा नहीं था। वह अच्छा परिणाम नहीं था। हमारे पास जैसे खिलाड़ी थे, वहीं इंग्लैंड ने आखिरी दिन कुछ खराब शॉट खेले, नहीं तो वे आसानी से 3-1 से सीरीज जीत जाते। भारतीय टीम ने गंभीर के कार्यकाल में कोई भी बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की है।






