टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए एक और चिंता सामने आई है। टीम के स्पिनर उस्मान तारिक का गेंदबाजी एक्शन सवालों के घेरे में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैचों के दौरान कुछ विपक्षी खिलाड़ियों और पूर्व क्रिकेटरों ने उनके एक्शन को संदिग्ध बताया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन इस मामले ने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है।
यह विवाद पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कोई नया नहीं है। इतिहास गवाह है कि कई दिग्गज पाकिस्तानी गेंदबाजों का करियर ‘चकिंग’ यानी गेंदबाजी के दौरान कोहनी को निर्धारित सीमा से ज्यादा मोड़ने के आरोपों से प्रभावित रहा है।
जब बड़े-बड़े नाम विवादों में फंसे
पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास ऐसे कई उदाहरणों से भरा पड़ा है, जहां गेंदबाजों को अपने एक्शन के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
सईद अजमल: इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम ऑफ स्पिनर सईद अजमल का है, जिनका करियर इस विवाद के कारण लगभग खत्म हो गया। 2014 में आईसीसी ने उनके एक्शन को अवैध करार देते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। जांच में पाया गया कि उनकी कोहनी 15 डिग्री की सीमा से कहीं ज्यादा मुड़ती थी। अजमल ने बाद में एक्शन में बदलाव कर वापसी की, लेकिन उनकी गेंदबाजी में पहले जैसी धार नहीं रही।
शोएब अख्तर: दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ शोएब अख्तर भी अपने करियर की शुरुआत में इस विवाद से अछूते नहीं रहे। उनके एक्शन पर भी सवाल उठाए गए थे, लेकिन मेडिकल जांच में यह बात सामने आई कि उनकी कोहनी की बनावट चिकित्सकीय रूप से अलग थी, जिस वजह से वह ज्यादा मुड़ी हुई दिखती थी। जांच के बाद उन्हें गेंदबाजी जारी रखने की अनुमति मिल गई।
हफीज से लेकर हसनैन तक की कहानी
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज को अपने करियर में कई बार संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया। उन्हें कई बार प्रतिबंध झेलना पड़ा और अपने एक्शन पर लगातार काम करना पड़ा। इसी तरह, शाहिद अफरीदी के तेज एक्शन पर भी शुरुआती दिनों में संदेह जताया गया था, पर उन पर कभी आधिकारिक प्रतिबंध नहीं लगा।
अन्य मामलों में, 2005 में शब्बीर अहमद पर एक साल का बैन लगा था, जबकि हाल ही में 2022 में तेज गेंदबाज मोहम्मद हसनैन को ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग के दौरान संदिग्ध एक्शन के लिए रिपोर्ट किया गया था, जिसके बाद उन्हें कुछ समय के लिए क्रिकेट से दूर रहकर अपने एक्शन को सुधारना पड़ा।
क्या है ICC का 15 डिग्री का नियम?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, गेंदबाजी करते समय किसी भी गेंदबाज की कोहनी 15 डिग्री से ज्यादा नहीं मुड़नी चाहिए। इसकी जांच के लिए अत्याधुनिक बायोमैकेनिकल टेस्ट का सहारा लिया जाता है। अगर कोई गेंदबाज इस सीमा का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी करने से प्रतिबंधित कर दिया जाता है।
अब देखना यह होगा कि उस्मान तारिक के मामले में आईसीसी क्या फैसला लेता है। यह प्रकरण एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट की कोचिंग और जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियों को उजागर करता है।





