क्रिकेट के इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक में अफगानिस्तान को दक्षिण अफ्रीका के हाथों डबल सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा। इस दिल तोड़ने वाली हार के बाद, कप्तान राशिद खान ने टीम के प्रदर्शन पर बात की और हार का ठीकरा सीधे तौर पर तेज गेंदबाज फजलहक फारूकी पर फोड़ा।
यह मुकाबला इतना करीबी था कि इसका फैसला दो सुपर ओवर के बाद हो सका। एक समय रहमनुल्लाह गुरबाज ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से लगभग मैच जिता ही दिया था, लेकिन अंत में जीत दक्षिण अफ्रीका के हाथ लगी।
आखिर क्या हुआ था मैच में?
इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रनों का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में अफगानिस्तान की टीम भी निर्धारित 20 ओवरों में इतने ही रन बना सकी, जिसके बाद मैच टाई हो गया। नियम के अनुसार, पहला सुपर ओवर खेला गया, जिसमें दोनों टीमों ने 17-17 रन बनाए और यह भी टाई हो गया।
इसके बाद दूसरे सुपर ओवर का सहारा लिया गया। दक्षिण अफ्रीका ने 23 रन बनाए और अफगानिस्तान को 24 रनों का मुश्किल लक्ष्य दिया। रहमनुल्लाह गुरबाज ने लगातार 3 छक्के जड़कर सनसनी फैला दी, लेकिन आखिरी गेंद पर वह जीत दिलाने से चूक गए और अफगानिस्तान मैच हार गया।
राशिद ने क्यों फारूकी को ठहराया जिम्मेदार?
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान राशिद खान ने साफ तौर पर उस एक पल का जिक्र किया, जो उनकी राय में हार का सबसे बड़ा कारण बना। यह वाकया अफगानिस्तान की पारी के 20वें ओवर का है, जब सुपर ओवर की नौबत ही नहीं आती।
दरअसल, अफगानिस्तान को जीत के लिए आखिरी 3 गेंदों पर सिर्फ 2 रनों की जरूरत थी और उसका एक विकेट बाकी था। नूर अहमद ने शॉट खेला और दोनों बल्लेबाज रन के लिए दौड़े। एक रन तो आसानी से पूरा हो गया, लेकिन दूसरा रन लेते समय नॉन-स्ट्राइकर छोर पर फजलहक फारूकी रन आउट हो गए। राशिद का मानना है कि अगर फारूकी ने उस समय क्रीज में पहुंचने के लिए डाइव लगाई होती, तो वह नॉट आउट रहते और अफगानिस्तान मैच 20 ओवर में ही जीत जाता।
“हमें कई मौके मिले, आखिरी सुपर ओवर में भी मिले। एक गेंद में 5 रन और परिणाम किसी भी ओर जा सकता था। हम अधिक चतुराई से काम ले सकते थे। एक डाइव, एक गेंद मैच खत्म कर सकती थी। हमने पिछले डेढ़ साल में इस मैच के लिए बहुत मेहनत की थी जिससे अगले राउंड में प्रवेश कर जाएं। यह निराशाजनक है।” — राशिद खान
राशिद ने यह भी कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व का क्षण होता है और वह टीम का मनोबल ऊंचा रखने की पूरी कोशिश करेंगे। हालांकि, उनकी इस टिप्पणी से साफ है कि फारूकी की वह एक गलती उन्हें लंबे समय तक चुभती रहेगी।





