टी20 वर्ल्ड कप में एक दशक लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। वेस्टइंडीज ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 30 रनों से हराकर इतिहास रच दिया है। यह कैरेबियाई टीम की इस टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत है, जिसने उसके आगे के सफर की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया है।
इस जीत के हीरो रहे शरफेन रदरफोर्ड, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में 76 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपनी टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचाया। इंग्लैंड की टीम 197 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 166 रन ही बना सकी और मैच हार गई।
10 साल का सूखा हुआ खत्म
वेस्टइंडीज को टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी जीत 2016 के फाइनल में मिली थी। उस ऐतिहासिक जीत के बाद से कैरेबियाई टीम अंग्रेजों के खिलाफ जीत के लिए तरस रही थी। आखिरकार, 10 साल बाद मुंबई में यह सिलसिला टूटा और वेस्टइंडीज ने एक शानदार जीत अपने नाम की।
रदरफोर्ड की पारी ने पलटा मैच
मैच में टॉस इंग्लैंड के कप्तान ने जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनका यह फैसला शुरुआत में सही साबित होता दिखा, जब वेस्टइंडीज ने पारी की पहली 7 गेंदों के अंदर ही अपने दो महत्वपूर्ण विकेट खो दिए थे। ऐसा लग रहा था कि टीम एक बड़े स्कोर तक नहीं पहुंच पाएगी।
लेकिन इसके बाद शरफेन रदरफोर्ड ने मोर्चा संभाला। उन्होंने जेसन होल्डर (33 रन) और रॉस्टन चेज (34 रन) के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। रदरफोर्ड अंत तक नाबाद रहे और 76 रनों की पारी खेली। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने अंतिम 5 ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 66 रन बटोरे, जिससे टीम का स्कोर 196 रनों तक पहुंच गया।
लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रहा इंग्लैंड
197 रनों के बड़े लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम के लिए कोई भी बल्लेबाज एक बड़ी और मैच जिताऊ पारी नहीं खेल पाया। जैकब बैथेल ने 33 रन बनाए, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 21 रनों का योगदान दिया।
अंत में सैम कर्रन 43 रन बनाकर नाबाद लौटे, लेकिन वह टीम को जीत की दहलीज तक नहीं पहुंचा सके। इंग्लैंड की टीम इस वर्ल्ड कप में संघर्ष करती नजर आ रही है। इससे पहले के मैच में भी उसे नेपाल के खिलाफ महज 4 रनों से करीबी जीत मिली थी।





