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‘मैं किसी की भी सहानुभूति नहीं चाहता हूं…. शानदार शतक जड़ने के बाद ये क्या बोले गए पृथ्वी शॉ?

Written by:Rishabh Namdev
Published:
बुची बाबू टूर्नामेंट में पृथ्वी शॉ ने जबर्दस्त बल्लेबाजी कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दरअसल, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच खेले गए मुकाबले में पृथ्वी शॉ ने शानदार शतक जड़ा। वहीं, इस खास पारी के बाद उन्होंने कहा है कि वह एक बार फिर पुरानी आदतों को अपना रहे हैं और अब ज्यादा समय क्रिकेट को दे रहे हैं।
‘मैं किसी की भी सहानुभूति नहीं चाहता हूं…. शानदार शतक जड़ने के बाद ये क्या बोले गए पृथ्वी शॉ?

पिछले लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ ने मंगलवार को बुची बाबू टूर्नामेंट में सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच खेले गए मुकाबले में महाराष्ट्र के लिए खेलते हुए पृथ्वी शॉ ने शानदार शतक जड़ा। छत्तीसगढ़ के खिलाफ उन्होंने 141 गेंदों में 111 रनों की शानदार पारी खेली। शतक जड़ने के बाद पृथ्वी शॉ ने कहा कि वह किसी की भी सहानुभूति नहीं चाहते हैं।

हालांकि, पृथ्वी शॉ की शानदार पारी के बाद भी महाराष्ट्र की टीम मुकाबला नहीं जीत सकी। दरअसल, छत्तीसगढ़ ने 242 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसका पीछा करते हुए महाराष्ट्र की टीम मात्र 217 रन ही बना सकी। पृथ्वी शॉ ने अकेले 111 रनों की पारी खेली।

फिर शानदार प्रदर्शन को लेकर चर्चा में पृथ्वी शॉ

दरअसल पिछला कुछ समय पृथ्वी शॉ के लिए बेहद परेशानी वाला रहा है। पहले भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर होना, उसके बाद आईपीएल 2025 में भी कोई खरीदार न मिलना। लंबे समय से उनकी फिटनेस और अनुशासन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा, पृथ्वी शॉ कई बार अन्य कारणों से भी सुर्खियों में रहे। लेकिन अब एक बार फिर वह शानदार क्रिकेट प्रदर्शन को लेकर चर्चा में हैं। पिछले कुछ समय में पृथ्वी शॉ के समर्थन में कई बड़े खिलाड़ी भी सामने आए हैं। वहीं, पृथ्वी शॉ भी अब अपने क्रिकेट पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि वह पुरानी आदतें अपना रहे हैं और अब ज्यादा ध्यान क्रिकेट पर लगा रहे हैं।

मैं किसी की भी सहानुभूति नहीं चाहता हूं: पृथ्वी शॉ

दरअसल, इस शानदार पारी के बाद पृथ्वी शॉ ने कहा “मुझे फिर से शुरू करने में कोई भी परेशानी नहीं है क्योंकि मैंने अपनी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। मैं अंदर से बेहद आत्मविश्वासी हूं। मुझे खुद पर और अपने काम करने के तरीके पर पूरा भरोसा है। मुझे उम्मीद है कि यह सीजन मेरे और मेरी टीम के लिए वाकई शानदार रहेगा। मैं कुछ भी बदलना नहीं चाहता हूं, मैं सिर्फ अपने बेसिक्स पर ध्यान दे रहा हूं। मैं वही कर रहा हूं जो मैं अंडर-19 के दिनों में किया करता था, जिससे मैं भारतीय टीम तक पहुंचा था। मैं फिर से वही सब चीजें कर रहा हूं ज्यादा अभ्यास, जिम, दौड़। मैं छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान दे रहा हूं। यह कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि मैं यह सब 12-13 साल की उम्र से करता आ रहा हूं। मैं किसी की भी सहानुभूति नहीं चाहता हूं। यह ठीक है, मैंने पहले भी ऐसा समय देखा है। मुझे अपने परिवार और दोस्तों का साथ मिला है।”