टी20 वर्ल्ड कप में लगातार 12 जीत के बाद भारत को सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों मिली हार ने टीम के सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी है। इस हार के बाद टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने एक बड़ा बयान देते हुए इसे टीम के लिए ‘एक जरूरी खतरे की घंटी’ करार दिया है। उनका मानना है कि अब टीम मैनेजमेंट को अपनी रणनीति और प्लेइंग इलेवन के संयोजन पर गंभीरता से पुनर्विचार करने की जरूरत है।
शास्त्री का मानना है कि सही समय पर मिली यह हार टीम को आत्ममंथन का मौका देगी, ताकि वह आगे के अहम मुकाबलों में कोई गलती न करे। उन्होंने कहा कि टीम को पिछले अनुभवों से सीखना चाहिए और किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
‘यह हार जल्दी आ गई, अच्छा हुआ’
आईसीसी रिव्यू पर बात करते हुए रवि शास्त्री ने टीम के प्रदर्शन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लगातार जीत के बाद एक खराब दिन आना स्वाभाविक था।
“आपने लगातार 12 मैच जीते तो एक खराब दिन आना ही था, लेकिन मुझे खुशी है कि यह जल्दी आ गया। यह भारत के लिये जरूरी खतरे की घंटी रहा। इससे अब टीम को रणनीति और संयोजन पर फिर से विचार करना होगा।” — रवि शास्त्री, पूर्व हेड कोच
उन्होंने आगे चेतावनी दी, “उन्होंने पिछले अनुभव से सबक ले लिया होगा कि चीजों को हलके में नहीं लेना है। एक और मैच हारने से काफी दबाव बन जाएगा।”
प्लेइंग इलेवन में अक्षर पटेल को शामिल करने की सलाह
रवि शास्त्री ने टीम इंडिया को एक अहम सलाह देते हुए प्लेइंग इलेवन में बदलाव का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि टीम को हर हाल में अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल को वापस लाना चाहिए।
शास्त्री ने कहा, “अब अक्षर पटेल को वापिस लाना ही होगा। आपको उसके अनुभव की जरूरत है। मैं तो कहूंगा कि अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर दोनों खेल सकते हैं, क्योंकि किसी दिन कोई गेंदबाज तो खराब फॉर्म में होगा ही। जैसे रविवार को वरुण चक्रवर्ती था।”
उन्होंने टीम के संतुलन पर बात करते हुए कहा, “अक्षर पटेल खेलता है तो आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करेगा। पांचवें नंबर पर हार्दिक पांड्या और छठे पर शिवम दुबे हैं। सुंदर सातवें नंबर पर है तो अक्षर पांचवें पर भी आ सकता है। अगर टी20 क्रिकेट में आठ बल्लेबाज भी नहीं चल पा रहे तो कुछ तो गलत है। ऐसे में एक अतिरिक्त गेंदबाज का विकल्प अहम है।”
अब जिम्बाब्वे से करो या मरो का मुकाबला
सुपर-8 में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए भारत का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे से होगा। यह मैच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसकी पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम मैनेजमेंट रवि शास्त्री की सलाह पर अमल करते हुए तीन स्पिनर्स के साथ मैदान पर उतरती है। भारत को सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए यह मैच न केवल जीतना होगा, बल्कि एक बड़े अंतर से जीतना होगा।






