इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के शुरू होने से पहले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को एक बड़ा झटका लगा है। टीम के तेज गेंदबाज यश दयाल, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने 5 करोड़ रुपये की मोटी रकम में रिटेन किया था, इस पूरे सीजन के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। आरसीबी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि कर दी है, लेकिन उनके बाहर होने के पीछे की कहानी निजी कारणों से कहीं ज्यादा गंभीर है।
मंगलवार को आरसीबी के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बोबाट ने मीडिया को बताया कि यश दयाल निजी समस्याओं से जूझ रहे हैं और इसी वजह से वह इस साल आईपीएल में हिस्सा नहीं लेंगे। यह फैसला खिलाड़ी और टीम मैनेजमेंट की आपसी सहमति से लिया गया है। हालांकि, बोबाट ने यह भी साफ किया कि यश अब भी आरसीबी के साथ कॉन्ट्रैक्ट में हैं।
“यश निजी कारणों से इस बार नहीं खेल पाएंगे। यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। वह अभी भी टीम के साथ कॉन्ट्रैक्ट में हैं और हम लगातार उनके संपर्क में हैं।” — मो बोबाट, डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट, आरसीबी
ट्रेनिंग कैंप से गायब होने पर उठे थे सवाल
कुछ दिनों पहले जब आरसीबी का ट्रेनिंग कैंप शुरू हुआ तो यश दयाल वहां मौजूद नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया था। अब टीम मैनेजमेंट के बयान ने यह तो साफ कर दिया है कि वह नहीं खेलेंगे, लेकिन उनके ‘निजी कारणों’ के पीछे कानूनी पचड़े हैं।
यश दयाल पर लगे हैं गंभीर आरोप
यश दयाल इस समय दो गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, दोनों ही यौन शोषण से जुड़े हैं।
पहला मामला: जुलाई 2025 में गाजियाबाद में एक महिला ने यश दयाल के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया कि यश ने 5 साल तक शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। हालांकि, इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यश दयाल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
दूसरा मामला: इसके कुछ समय बाद जयपुर में एक नाबालिग लड़की ने यश दयाल पर POCSO एक्ट के तहत यौन शोषण का आरोप लगाया। पीड़िता के अनुसार, क्रिकेटर ने 2023 के बाद करियर में मदद करने का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिसंबर 2025 में जयपुर की एक पॉक्सो अदालत ने सबूतों के आधार पर यश दयाल की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इन्हीं कानूनी वजहों से उनका आईपीएल में खेलना संभव नहीं हो पा रहा है।






