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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 1100 कन्याओं का किया पूजन, बेटियों के सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

Written by:Gaurav Sharma
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चैत्र नवरात्रि के अवसर पर देहरादून के प्रेमनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में 1100 कन्याओं का पूजन किया। उन्होंने इस मौके पर नारी सम्मान को बढ़ावा देने की बात कही और बेटियों के लिए चलाई जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 1100 कन्याओं का किया पूजन, बेटियों के सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाओं की दी जानकारी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर देहरादून के प्रेमनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित एक भव्य सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।

सीएम धामी ने कहा कि यह पर्व केवल आस्था का नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के माध्यम से शक्ति की उपासना का महापर्व है। उन्होंने इतने बड़े स्तर पर कन्या पूजन के आयोजन के लिए समिति की सराहना करते हुए इसे अत्यंत सौभाग्यपूर्ण बताया।

नारी सम्मान और संस्कृति के वाहक

मुख्यमंत्री ने इस तरह के आयोजनों को सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज में नारी सम्मान को सुदृढ़ करने और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे महत्वपूर्ण अभियानों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है।

“भारतीय संस्कृति में कन्या को साक्षात देवी का स्वरूप माना गया है। बेटियां अपने संस्कार, स्नेह और त्याग से समाज को सशक्त और समृद्ध बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और परंपराओं की सशक्त वाहक हैं।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बेटियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही हैं।

बेटियों के लिए सरकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और प्रगति के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सरकार बेटियों की शिक्षा और प्रोत्साहन के लिए कई कदम उठा रही है, जिनमें शामिल हैं:

  • शिक्षा प्रोत्साहन: छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति, कक्षा 9 में प्रवेश पर साइकिल वितरण और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रोत्साहन राशि।
  • सरकारी नौकरियों में आरक्षण: राज्य की सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई है।
  • विवाह हेतु आर्थिक सहायता: पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के सामूहिक विवाह के लिए ₹61 हजार और व्यक्तिगत विवाह के लिए ₹55 हजार तक की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह सहायता के रूप में ₹50 हजार तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे हर बेटी की रक्षा, शिक्षा और प्रगति का संकल्प लें, ताकि कन्या पूजन की भावना वास्तविक अर्थों में सार्थक हो सके। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री प्रेमनगर स्थित गुरुद्वारा भी गए और वहां मत्था टेका।

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