पहले सेमीफाइनल का समीकरण कागज पर संतुलित दिख रहा था, लेकिन मैदान पर मुकाबला एकतरफा साबित हुआ। न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका के 169/8 के स्कोर को सिर्फ 12.5 ओवर में पार करते हुए 173/1 बनाए और 43 गेंद शेष रहते मैच खत्म कर दिया।
इस जीत का सबसे बड़ा चेहरा फिन एलन रहे। उन्होंने 33 गेंदों में नाबाद 100 रन की पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। रन गति इतनी तेज रही कि लक्ष्य का दबाव कभी बना ही नहीं।
न्यूजीलैंड की शुरुआत भी वैसी ही रही जैसी बड़े नॉकआउट मैचों में चाहिए होती है। टिम सीफर्ट ने 33 गेंदों पर 58 रन बनाए और एलन के साथ पहले विकेट के लिए 55 गेंदों में 117 रन जोड़ दिए। इसके बाद रचिन रवींद्र के साथ एलन ने दूसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 56 रन की अविजित साझेदारी की और टीम को फाइनल तक पहुंचा दिया।
फिन एलन ने तोड़ा टी20 वर्ल्ड कप का रिकॉर्ड
एलन की पारी सिर्फ मैच जिताने वाली नहीं रही, रिकॉर्ड बुक बदलने वाली भी रही। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज शतक पूरा किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 2016 टूर्नामेंट में 47 गेंदों में सेंचुरी बनाई थी। एलन का यह शतक नॉकआउट दबाव में आया, इसलिए इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
दिलचस्प यह रहा कि दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी के आखिरी हिस्से में वापसी की थी। एक समय टीम 77 रन पर 5 विकेट खो चुकी थी, लेकिन वहां से कुल स्कोर 169 तक ले जाना बड़ा काम माना जा रहा था। इसी वजह से लगा कि मैच प्रतिस्पर्धी रहेगा।
दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी पूरी तरह बेअसर
चेज की शुरुआत से ही प्रोटियाज गेंदबाज लय से बाहर दिखे। लाइन-लेंथ पर नियंत्रण नहीं रहा और पावरप्ले में ही मैच का रुख बदल गया। न्यूजीलैंड ने सिर्फ एक विकेट गंवाया, यानी विकेट लेने का विकल्प भी लगभग बंद रहा।
दक्षिण अफ्रीका के लिए मार्को यानसन सबसे महंगे रहे। उन्होंने 2.5 ओवर में 53 रन दिए और उनकी इकॉनमी 18.70 रही। कॉर्बिन बॉश ने 2 ओवर में 35 रन खर्च किए। केशव महाराज के 3 ओवर में 33 रन गए, लुंगी एनगिडी ने 2 ओवर में 22 रन दिए और कगिसो रबाडा ने 3 ओवर में 28 रन लुटाए।
नॉकआउट मैचों में आम तौर पर लक्ष्य का पीछा करते समय विकेट बचाने और रफ्तार बढ़ाने के बीच संतुलन देखने को मिलता है, लेकिन न्यूजीलैंड ने अलग टेम्पलेट रखा। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक योजना अपनाई और विरोधी को वापसी का समय नहीं दिया। इसी कारण मुकाबला आखिरी ओवरों तक गया ही नहीं।
इस नतीजे के साथ न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में दूसरी बार पहुंचा है। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के लिए यह एक और टूर्नामेंट है जहां नॉकआउट बाधा पार नहीं हो सकी। स्कोरकार्ड बताता है कि मैच निर्णायक क्षणों में नहीं, बल्कि पहले 8-10 ओवर में ही न्यूजीलैंड की ओर झुक गया था।






