दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में मिली करारी हार का असर ऑस्ट्रेलियाई टीम की अगली सीरीज पर साफ नजर आ रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ 25 जून से शुरू होने वाले टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले से टीम ने मार्नस लाबुशेन को बाहर कर दिया है। लंबे वक्त तक टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 बल्लेबाज रह चुके लाबुशेन का हालिया प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। WTC फाइनल में वह दोनों पारियों में फ्लॉप रहे थे और पिछले एक साल से वह शतक के लिए भी जूझ रहे हैं। चयनकर्ताओं ने उन्हें फिलहाल आराम दिया है और उनकी जगह युवा बल्लेबाज सैम कोंटास को टीम में शामिल किया गया है।
मार्नस लाबुशेन पिछले कुछ समय से रन बनाने में संघर्ष कर रहे हैं। WTC फाइनल में उन्होंने पहली पारी में 17 और दूसरी पारी में सिर्फ 22 रन बनाए थे। दोनों ही बार उन्हें मार्को यानसन ने पवेलियन भेजा था। 2023 से लेकर अब तक लाबुशेन कोई भी टेस्ट शतक नहीं लगा पाए हैं। यही कारण रहा कि चयन समिति ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ नए बल्लेबाजों को मौका?
दरअसल ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा, “मार्नस अभी रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनका करियर खत्म नहीं हुआ है। हम उनके साथ हैं और उम्मीद करते हैं कि वो जल्द फॉर्म में लौटेंगे।” वहीं बेली ने आगे कहा कि इस सीरीज में स्टीव स्मिथ भी पहले मैच में नहीं खेल पाएंगे, क्योंकि उन्हें चोट से उबरने के लिए और समय चाहिए। मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ की गैरमौजूदगी में अब ऑस्ट्रेलिया का टॉप ऑर्डर बदला हुआ नजर आएगा। टीम में सैम कोंटास की वापसी हुई है जो उस्मान ख्वाजा के साथ ओपनिंग कर सकते हैं। कोंटास को पहले भी ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने का अनुभव है, लेकिन इस बार उन पर बड़ी जिम्मेदारी होगी।
जॉश इंग्लिश को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है
दरअसल इसके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज जॉश इंग्लिश को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया टीम चाहती है कि अब वो एक नए सिरे से टेस्ट सीरीज की शुरुआत करे, इसलिए अनुभव और युवा जोश के मेल से टीम संयोजन तैयार किया गया है। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच तीन टेस्ट मैचों की यह सीरीज 25 जून से ब्रिजटाउन में शुरू होगी। दूसरा टेस्ट 3 जुलाई से सेंट जॉर्ज में और तीसरा डे-नाइट टेस्ट 13 जुलाई से केंसिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। इस पूरी सीरीज पर ऑस्ट्रेलिया के नए संयोजन की परफॉर्मेंस को लेकर निगाहें टिकी होंगी।





