पहले रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को हैरान कर दिया। इसके एक हफ्ते के अंदर ही विराट कोहली ने भी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। दो बड़े खिलाड़ियों के जाने से भारतीय टीम पूरी तरह से खाली नजर आने लगी। जून में भारतीय टीम को इंग्लैंड का महत्वपूर्ण दौरा करना है। ऐसे में टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस पर योगराज सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उनके मुताबिक, दोनों खिलाड़ियों में काफी क्रिकेट बचा था और दोनों को अभी टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहिए था।
दरअसल, युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह का मानना है कि दोनों खिलाड़ियों को अभी खेलना चाहिए था। एक महान खिलाड़ी के तौर पर उन्हें कम से कम 50 साल की उम्र तक खेलते रहना चाहिए। पिछले 6 महीनों पर नजर डाली जाए तो भारतीय टेस्ट टीम से तीन बड़े खिलाड़ी जा चुके हैं, जिनमें रविचंद्रन अश्विन, विराट कोहली और रोहित शर्मा शामिल हैं।
2011 के समय को याद किया
योगराज सिंह ने विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के निर्णय को भारतीय टीम का बड़ा नुकसान माना है। उन्होंने 2011 के आसपास भारतीय टीम में हुए बड़े बदलावों को याद दिलाया। न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए योगराज सिंह ने कहा कि विराट निश्चित तौर पर एक बड़े खिलाड़ी हैं, तो भारतीय टीम को एक बड़ा नुकसान हुआ है। जब 2011 में बहुत से खिलाड़ियों को हटाया गया, या रिटायर किया गया, या रिटायर होने पर मजबूर किया गया, तब टीम बिखर गई और अब तक संभल नहीं पाई है। मुझे लगता है कि विराट और रोहित दोनों में अभी काफी क्रिकेट बाकी था। हालांकि विराट और रोहित के संन्यास से न सिर्फ योगराज सिंह बल्कि बड़े-बड़े दिग्गज भी चिंता में पड़ गए हैं। उनके मुताबिक, भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
दोनों खिलाड़ियों के संन्यास से दुखी हूं: योगराज सिंह
योगराज सिंह ने पूर्व क्रिकेटर और अपने बेटे युवराज सिंह का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संन्यास का फैसला सही नहीं था। मैंने युवराज से कहा था कि किसी को भी मैदान से तब हटना चाहिए जब वह चलने-फिरने लायक न रहे। मुझे लगता है कि रोहित को रोज़ाना मोटिवेट करने के लिए बस एक ही शख्स काफी था, जो सुबह उसे 5 बजे उठाकर दौड़ने के लिए कह दे। रोहित और वीरेंद्र सहवाग दो ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जो मुझे लगता है कि जल्दी रिटायर हो गए। महान खिलाड़ियों को कम से कम 50 साल की उम्र तक खेलना चाहिए। मुझे इन दोनों के संन्यास से बेहद दुख हुआ है। मुझे लगता है कि युवाओं को प्रेरणा देने के लिए अब कोई नहीं है।





