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रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया पटवारी, इस काम के एवज में मांगे थे 10 हजार रुपए, लोकायुक्त पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

Written by:Amit Sengar
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लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना में सारे तथ्यों की जांच की जाएगी।
रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया पटवारी, इस काम के एवज में मांगे थे 10 हजार रुपए, लोकायुक्त पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

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Lokayukta Action : मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों के भ्रष्ट अधिकारी- कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है इसके बाद भी रिश्वतखोरी के मामले कम नहीं हो रहे हैं। आज लोकायुक्त पुलिस ने टीकमगढ़ जिले की मोहनगढ़ तहसील में कार्रवाई की है जहाँ लोकायुक्त टीम ने पटवारी संजू रैकवार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

पीड़ित ने सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ऑफिस में दिया आवेदन

सागर लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फरियादी संजीव यादव पिता सूके यादव निवासी ग्राम मझगवां तहसील मोहनगढ़ टीकमगढ़ का है जिसने एक शिकायती आवेदन पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दिया था। जिसमें शिकायत की गई थी कि पटवारी द्वारा 1 लाख 11 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी।

पटवारी ने मांगी 1 लाख 11 हजार रुपये की रिश्वत

फरियादी संजीव यादव ने आवेदन में बताया कि पिता की मृत्यु साल 2011 में हो गई थी। उनके नाम जो जमीन थी, उसे भाइयों के नाम परिवर्तित करने के बदले पटवारी संजू रैकवार ने 1 लाख 11 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर मांगे गए थे। आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त में की।

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रिश्वत (Bribe) लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने इसकी जांच की और सत्यता प्रमाणित होने पर एक ट्रैप दल बनाया, आज निर्धारित समय पर आवेदक ने पटवारी को जैसे 10 हजार रुपये दिए। वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने भ्रष्टाचारी पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा लिया। इस पूरे मामले में आरोपी के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विवेचना में सारे तथ्यों की जांच की जाएगी।

Amit Sengar
लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
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