MP: सड़क किनारे सो रहे मजदूरों पर चढ़ा ट्रक, 3 की दर्दनाक मौत, कई घायल

MP: सड़क किनारे सो रहे मजदूरों पर चढ़ा ट्रक, 3 की दर्दनाक मौत, कई घायल

भोपाल।
लॉक डाउन के बीच मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में आज बुधवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया।यहां सड़क किनारे सो रहे 12 मजदूरों पर अनियंत्रित ट्रक चढ़ गया, हादसे में 3 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई है। वही 9 बुरी तरह से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और मजदूरों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

दरअसल, हादसा भेरूगढ़ थाना क्षेत्र के साडू माता मंदिर के पास हुआ है। यहां सड़क किनारे फुटपाथ पर सो रहे मजदूरों पर एक तेज रफ्तार ट्रक चढ़ गया। जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।बताया जा रहा है कि सभी मजदूर मंगलवार को ही राजस्थान से बस के जरिए घर लौटे थे । कॉलोनी के निवासियों ने बगैर जांच के इलाके में प्रवेश नहीं करने दिया था, सभी मजदूर अस्पताल में जांच के लिए पैदल ही चल पड़े थे।रास्ते में थकने पर यहीं सो गए थे और हादसा हो गया।

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुं
चाया।वही घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जिस ट्रक से दुर्घटना हुई वो इंदौर की सोयत ट्रांसपोर्ट कंपनी का बताया जा रहा है। हादसा तेजी गति के कारण होना बताया जा रहा है । फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। वही मृतकों की शिनाख्त की जा रही है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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