उज्जैन एसपी बोले -‘मैं बाबा साहब अंबेडकर का सम्मान करता हूं, मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र है’

उज्जैन एसपी बोले -‘मैं बाबा साहब अंबेडकर का सम्मान करता हूं, मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र है’

उज्जैन/अर्पण कुमार| एसपी (Ujjain SP) मनोज कुमार सिंह (Manoj Kumar Singh) को भीम सेना (Bheem Sena) के सदस्य सतपाल तंवर ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक शब्दो मे धमकी दी है| अभद्र भाषा में धमकी देते हुए अपने आप को भीम सेना का बताते हुए कहा कि नक्शा पलटना जानते है हम । और सुनो एस पी जय भीम तो कहना होगा| भीम सेना का यह सदस्य कहां का है अभी पता नहीं चला है|

पिछले दिनों उज्जैन एसपी पर वायरलेस सेट पर जय भीम नहीं कहने के आदेश संबंधित समाचार जारी होने पर भीम सेना के कार्यकर्ता ने वीडियो जारी किया था| एसपी ने कहा मैंने कोई आदेश जारी नहीं किया और ना ही उज्जैन में इस तरह का मैसेज चला सब कुछ मुझे बदनाम करने का कृत्य है|

दरअसल कुछ दिन पहले कुछ समाचार पत्रों में उज्जैन एसपी मनोज सिंह की खबर छपी थी जिसमे वायरलेस सेट पर पुलिसकर्मियों को जय भीम ना बोलने की हिदायत दी गयी थी । लेकिन एसपी ने इस पूरी खबर को निराधार बताया था । कल यह मामला पुनः सोशल मीडिया पर आने के बाद इस संबंध में उज्जैन एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मेरे द्वारा कभी भी इस संबंध में वायरलेस सेट पर कोई आदेश जारी नहीं किया गया और ना ही इस तरह की कोई बात सामने आई है किसी के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाया गया यह भ्रम है जिसकी जांच चल रही है, यह मैसेज सोशल मीडिया के माध्यम तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग हैं यह सामने आने के बाद पुलिस इस मामले मे कुछ बता पाएगी | उन्होंने कहा कि मैंने सदा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर साहब का आदर किया है उनके बारे में इस तरह के शब्द बोलना मैं कभी सपने में भी नहीं सोच सकता उन्हीं का संविधान पढ़कर हम दिन रात काम करते हैं लेकिन कुछ तत्वों द्वारा जानबूझकर मुझे बदनाम करने का कृत्य किया जा रहा है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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