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उज्जैन में लेंसकार्ट शोरूम पर बजरंग दल ने किया प्रदर्शन, कंपनी के कर्मचारियों को लगाया तिलक, जानिए क्या है पूरा मामला?

Written by:Rishabh Namdev
Published:
मध्यप्रदेश के उज्जैन में फ्रीगंज स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर मंगलवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित आदेश के विरोध में यह विरोध देखा गया है बता दें कि इस आदेश में धार्मिक प्रतीकों पर रोक की बात कही गई थी।
उज्जैन में लेंसकार्ट शोरूम पर बजरंग दल ने किया प्रदर्शन, कंपनी के कर्मचारियों को लगाया तिलक, जानिए क्या है पूरा मामला?

आज मंगलवार को उज्जैन के फ्रीगंज इलाके में स्थित लेंसकार्ट शोरूम के बाहर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। दरअसल यह विरोध कंपनी के एक आदेश को लेकर किया गया था। बता दें कि कंपनी के एक आदेश में कर्मचारियों के धार्मिक प्रतीक पहनने पर रोक लगाने की बात कही गई थी। वहीं उज्जैन में हुए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता शोरूम के बाहर जमा हो गए और जमकर नारेबाजी की। वहीं इसके बाद कुछ कार्यकर्ता अंदर भी गए और कर्मचारियों से इस मामले पर बातचीत की।

दरअसल प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कर्मचारियों को तिलक लगाया और उन्हें भगवा दुपट्टा भी पहनाया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि अगर कंपनी की तरफ से तिलक, कलावा या बिंदी जैसे धार्मिक प्रतीकों को लेकर किसी तरह की रोक लगाई जाती है, तो इसकी जानकारी तुरंत संगठन को दी जाए। वहीं इस पूरे मामले के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए हंगामा देखने को मिला।

जानिए क्या है लेंसकार्ट विवाद?

दरअसल सोशल मीडिया पर सामने आए एक आदेश के बाद Lenskart को लेकर कई जगहों पर चर्चा शुरू हो गई है। बता दें कि इस आदेश में कहा गया था कि कर्मचारियों को काम के दौरान कुछ धार्मिक प्रतीक पहनने से बचने की सलाह दी गई है। हालांकि कंपनी की तरफ से इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से क्या नीति है इसे लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं । बता दें कि इस विवाद के चलते कई शहरों में हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है। इसी कड़ी में उज्जैन में भी बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने इसे आस्था से जुड़ा मामला बताया।

सामाजिक माहौल को ध्यान में रखकर ही नियम बनाने चाहिए: प्रदर्शनकारी

दरअसल प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर किसी कंपनी की नीति धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है तो उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि कंपनियों को कर्मचारियों की आस्था और सामाजिक माहौल को ध्यान में रखकर ही नियम बनाने चाहिए। वहीं उज्जैन में हुए इस विरोध के दौरान संगठनों ने साफ शब्दों में कहा कि धार्मिक प्रतीकों पर किसी तरह की पाबंदी उन्हें स्वीकार नहीं होगी। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि अगर किसी को इस तरह के नियमों का सामना करना पड़ता है तो संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा।

इसके साथ ही संगठनों ने चेतावनी दी कि अगर कंपनी ने अपने कथित आदेश पर दोबारा विचार नहीं किया तो विरोध और तेज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और व्यापार बंद कराने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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