गंगा दशहरा की मौके पर उज्जैन में रामघाट पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा का समापन हुआ। इस मौके पर माता शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा अर्चना भी की गई। इस दौरान रामघाट पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव और लोक गायिका मैथिली ठाकुर भी शामिल हुईं।
इस भव्य और रंगारंग कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर ने भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान रामघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह घोषणा की है कि आने वाले सिंहस्थ में स्नान शिप्रा की शुद्ध जल से करवाया जाएगा। चलिए जान लेते हैं उन्होंने क्या कहा है।
चल रहा जल संरक्षण कार्य
मुख्यमंत्री मोदी यादव ने जल संरक्षण और धार्मिक आस्था को जोड़ते हुए बताया कि प्रदेश में 10000 करोड रुपए की लागत से जल संरक्षण का काम चल रहा है। इसमें शिप्रा के दोनों तरफ 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण भी किया जा रहा है। इस दौरान सीएम ने 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा की और नदी में दूध भी अर्पित किया
उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
इस कार्यक्रम के दौरान रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान जगह जगह दीपदान किया गया। श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन की ओर से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। इस दौरान नौसेना के बैंड की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही, पहली बार इस बैंड ने इस तरह के आयोजन में हिस्सा लिया है।
मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति
इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र भाजपा विधायक और भजन गायिका मैथिली ठाकुर की भजन संध्या रही। अपने भजनों से उन्होंने पूरे माहौल को भक्ति में बना दिया। उनके साथ यहां अन्य लोक कलाकार भी प्रस्तुति देते दिखाई दिए। इससे आयोजन का सांस्कृतिक रंग हर तरफ बिखर गया।
नीलगंगा में भी की पूजा
मुख्यमंत्री मोहन यादव इस अवसर पर नील गंगा आश्रम भी पहुंचे। यहां उन्होंने माता गंगा की प्रतिमा का पूजन अभिषेक कर प्रदेश के सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहस्त्र 2018 में सनातन संस्कृति का वैभव पूरी दुनिया देखेगी। इस कार्यक्रम में कई सारे साधु संत, अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी और शंकराचार्य मौजूद रहे।






