उज्जैन में सोमवार से मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा की शुरुआत हुई है। हर साल होने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु नदी की परिक्रमा करते हैं और परिक्रमा पूरी होने के बाद माता शिप्रा को चुनरी अर्पित की जाती है। आज इस यात्रा का समापन हो जाएगा।
शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा के समापन के मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शामिल होने वाले हैं। वह यहां 300 फीट लंबी चुनरी माता को अर्पित करेंगे। इस दौरान भारतीय नौसेना का बैंड अपनी प्रस्तुति देगा और भजन गायिका मैथिली ठाकुर की विशेष प्रस्तुति भी रखी गई है।
सोमवार को शुरू हुई थी यात्रा
बता दें कि सोमवार को शिप्रा नदी की तरफ से शुरू हुई यात्रा काफी उत्साह और ऊर्जा के साथ शुरू हुई थी। जगह-जगह विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को मंच लगाकर श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए देखा गया। कहीं पर ठंडा पानी, कहीं पर शरबत, फल और स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। सोमवार शाम को दत्त खड़ा घाट पर इंदौर के कलाकार श्रेयांश शुक्ला और जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल को सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए देखा गया।
कैसे होती है यात्रा
हर साल होने वाली यह धार्मिक यात्रा शिप्रा लोक संस्कृति समिति के संयोजन में महाराज विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट, उज्जैन विकास प्राधिकरण, रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा अवंतिकापुरा और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित की गई है। पहले दिन यह यात्रा रामघाट से शुरू होती हैं और नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और शांति धाम होते हुए दत्त अखाड़ा जाती है। रात्रि विश्राम के बाद दूसरे दिन दत्त अखाड़ा, रणजीत हनुमान, काल भैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका, भर्तृहरि गुफा, वाल्मीकि धाम हुए हुए वापस रामघाट आएगी।






