मुख्यमंत्री मोहन यादव आज उज्जैन के निर्माणाधीन स्नेक पार्क का दौरा करने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्क की प्रगति को लेकर चल रहे हैं कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने उज्जैन को सर्प मित्र नगरी के रूप में विकसित करने का दृष्टिकोण अधिकारियों के साथ साझा भी किया।
स्नेक पार्क दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बनेगा बल्कि सांपों के संरक्षण और प्रकृति में उनकी भूमिका के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।
स्नेक पार्क पहुंचे मुख्यमंत्री यादव
सीएम यादव ने अधिकारियों को यह सुझाव दिए हैं कि हर थाने से कम से कम एक या दो पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवानों को सांपों की पहचान करने उनके सुरक्षित रेस्क्यू करने और प्राथमिक उपचार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि सांप मिलने की सूचना सबसे पहले पुलिस तक पहुंचती है। ऐसे में प्रशिक्षित जवान सांप और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान महाकाल की नगरी से यह संदेश पूरे देश में जाना चाहिए कि ना सांप को मारें और ना ही सांप किसी इंसान को नुकसान पहुंचाए। उज्जैन को सर्प मित्र नगरी के रूप में पहचान दिलाने के लिए यह पहल की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित सर्प उद्यान पहुंचकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा सर्प प्रजातियों के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की।@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/Wvhfff6yux
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) July 30, 2026
अब तक 200 से ज्यादा को किया प्रशिक्षित
प्रशिक्षण के बारे में केंद्र के अधिकारी मुकेश इंग्ले का कहना है कि इस दिशा में पहले से ही अभियान शुरू किया जा चुका है। चार जिलों में अब तक 200 से ज्यादा पुलिसकर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, डॉक्टर, होमगार्ड और स्नेक रेस्क्यूर्स को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
कैसा होगा स्नेक पार्क
उज्जैन में बन रहे स्नेक पार्क की बात करें तो 15 करोड रुपए की लागत से तैयार हो रहे इस पार्क में 21 प्रजातियों के सांप और अन्य सरीसृप रखे जाएंगे। यहां रेस्क्यू सेंटर, इंटरप्रिटेशन सेंटर, क्वारन्टीन और वेटरनरी उपचार केंद्र भी विकसित किया जाएगा। घायल या रेस्क्यू किए गए सांपों को यहां उचित उपचार और संरक्षण दिया जाएगा।






