विजयादशमी के दिन मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर देखने को मिला। अचानक से हुई इस बारिश ने रावण दहन के कार्यक्रमों को अस्त व्यस्त कर दिया है। कहीं रावण का पुतला जलने से पहले ही गीला हो गया। तो कहीं जल्दी-जल्दी दहन किया गया। खंडवा में सिर्फ दो हो जगहों पर पुतले जलाए जा सके।

मंगलवार को हुई बारिश ने दशहरे के आयोजन में बाधा खड़ी कर दी। रावण दहन के पांच प्रमुख स्थान थे जिनमें से केवल दो जगह ही दहन हो सका। स्टेडियम ग्राउंड में बनाया गया 51 फीट का पुतला बारिश और तेज हवा  की वजह से टूट कर बिखर गया। यहां मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया।

बिखरा रावण का पुतला

स्टेडियम ग्राउंड में दशहरा के लिए 51 फीट का पुतला तैयार किया गया था। तेज बारिश और हवा की वजह से वह अलग-अलग हिस्सों में टूट कर बिखर गया। इस वजह से आयोजक रावण का पुतला तो नहीं जला सके। लेकिन यहां मेघनाथ और कुंभकरण का पुतला जलाया गया।

एसएन कॉलेज ग्राउंड का कार्यक्रम रद्द

यहां पर यह बारिश की वजह से मैदान में काफी सारा कीचड़ जमा हो गया था। रावण का पुतला भी भीग गया था। इस वजह से दहन का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। दूसरी तरफ शहर के रामनगर में 35 फीट का रावण तैयार किया गया था। बारिश के कारण ये पूरी तरह से भीग गया लेकिन प्रशासन के दबाव में आयोजकों को दहन करना पड़ा। रात 10 बजे 5 मिनट के अंदर यह पूरी तरह से जलकर खत्म हो गया।

आज होगा रावण दहन

शहर के नवचंडी मैदान में आज 81 फीट के रावण का दहन किया जाने वाला है। बाबा गंगाराम की अगुवाई में यहां दहन का कार्यक्रम रखा गया है। एसएन कॉलेज ग्राउंड में बीते दिन रद्द किया गया आयोजन भी आज किया जाएगा। बता दें कि बीते दिन शहर में 1 घंटे तक बारिश हुई। इतनी ही देर में सड़कें पानी से भरी हुई दिखाई दीं। कई जगह जलभराव भी देखने को मिला।