Mahakal Mahalok Project: लगातार जारी है महालोक का विस्तार, 778 करोड़ की लागत से किए जा रहे ये कार्य

Mahakal lok video

Mahakal Mahalok Project Update: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर का विस्तारीकरण इन दिनों लगातार जारी है। पहले चरण के तहत कई सारे निर्माण कार्य किए गए हैं, जिनमें से एक महाकाल लोक भी है जो श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र है। अभी दूसरे चरण के कार्य बाकी हैं, जो लगातार चल रहे हैं और मंदिर परिसर का विस्तार हो रहा है। तकरीबन 1174 करोड़ की लागत से श्री महाकाल महालोक योजना तैयार की गई है, इसे जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण के कार्यों का अक्टूबर 2022 में लोकार्पण किया था जो 395 करोड़ रुपए की लागत से किए गए थे। अब 778 करोड़ की लागत से अन्य कार्य किए जाने वाले हैं। इसमें से लगभग 500 करोड़ के काम होते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, धरातल पर इनके पूरा होने की गति धीमी दिखाई दे रही है। जिसके चलते जुलाई तक इनका पूर्ण हो पाना असम्भव दिखाई पड़ रहा है।

Mahakal Mahalok Project के कार्य

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने की बात की जाए तो साल 2019 में 300 करोड़ की योजना बनाकर मंदिर के कायाकल्प की शुरुआत की गई थी। काम शुरू भी नहीं हो सका था और इससे पहले शिवराज सरकार द्वारा मंदिर परिसर को 8 गुना बड़ा बनाने के लिए 700 करोड़ की रुद्रसागर एकीकृत विकास मृदा परियोजना को स्वीकृति दी गई ।

इस योजना पर काम शुरू तो हो गया लेकिन बीच-बीच में कई सारे बदलाव भी हुए, जिसके चलते प्रोजेक्ट की लागत बढ़ती चली गई। फिलहाल ये आंकड़ा 1174 करोड़ पर पहुंच चुका है।

दूसरे चरण में होंगे ये काम

प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के तहत कई सारे कार्य किए जाने वाले हैं। जिसमें से एक रेलवे स्टेशन से लेकर महाकाल लोक तक रोप वे बनाना भी है। इसके लिए लगभग 209 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

महाकाल के दरबार में भगवान के शिवलिंग के ठीक सामने नंदी हॉल मौजूद है। इसके रेनोवेशन को लेकर तैयारियां की जा रही है। 3 करोड़ की लागत से नया फ्लोर, कूलिंग सिस्टम, चांदी की क्लैडिंग और डेकोरेटिव लाइट्स यहां पर लगाई जाने वाली है।

शिप्रा तट स्थित रामघाट को सुंदर बनाने का काम भी दूसरे चरण में शामिल है। जिसके लिए 20 करोड़ 79 लाख स्वीकृत किए गए हैं।

त्रिवेणी कला संग्रहालय के सामने पार्किंग और भोजन शाला का विस्तार भी किया जाने वाला है। जिसमें 45 करोड़ की लागत लगने का अनुमान जताया जा रहा है।

सुरक्षा की दृष्टि से महाकाल लोक में पुलिस थाना खोलने के लिए पास ही मौजूद पुराने स्कूल भवन को रेनोवेट भी किया जाएगा। इस थाने में 173 जवानों के स्टाफ के साथ, एक निरीक्षक और 12 उपनिरीक्षक मौजूद रहेंगे।

लंबित हैं ये काम

इसी के साथ रुद्र सागर में पानी की स्क्रीन तैयार कर उस पर महाकाल और उज्जैन की गौरव गाथा लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से दिखाए जाने का प्लान भी बनाया गया है। फिलहाल यह काम शुरू नहीं हो सका है।

लाइट एंड साउंड शो कैसा होगा इसके लिए कई कंपनियों ने मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को सुझाव दिए हैं। इसके लिए 32 करोड़ की स्वीकृति दी गई है और फिलहाल डीपीआर बनवाने का काम किया जा रहा है।

चल रहे हैं ये काम

विस्तारीकरण के कार्यों में महाराजवाड़ा बेसमेंट में पार्किंग और वेंडर क्षेत्र, नीलकंठ वन विकास, नीलकंठ वन मार्ग आर 18 विकास, रुद्र सागर पर पैदलपुर, शिखर दर्शन, भूमिगत प्रतीक्षालय, नंदी हॉल का सौंदर्यीकरण, स्टेच्यू संरक्षण, मंदिर पहुंच मार्ग, सड़कों का विकास, हेरिटेज धर्मशाला, आपातकालीन प्रवेश निर्गम मार्ग, पार्किंग, सीसीटीवी और एक्सेस नियंत्रण प्रणाली, त्रिवेणी संग्रहालय का विस्तार समेत कई सारे कार्य धरातल पर उतारे जा चुके हैं, जिनका निर्माण जारी है। आने वाले सिंहस्थ को देखते हुए विस्तारितकरण का हर कार्य किया जा रहा है। ताकि श्रद्धालुओं को सुगमता से बाबा महाकाल के दर्शन हो सके और वो यहां विस्तारित क्षेत्र में धर्म और आध्यात्म का अनुभव कर सकें।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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