महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर छिड़ा विवाद, भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने व्यवस्था को खत्म करने की मांग की

अखिल भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने महाकाल मंदिर में VIP और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था खत्म करने की मांग उठाई है। दरअसल मोर्चा का कहना है कि इससे आम भक्तों के अधिकारों का हनन हो रहा है और दर्शन व्यवस्था में भेदभाव बढ़ रहा है।
महाकाल मंदिर में VIP दर्शन पर छिड़ा विवाद, भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने व्यवस्था को खत्म करने की मांग की

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में आम और खास श्रद्धालुओं के बीच बढ़ती दूरी अब बड़ा मुद्दा बन गई है। दरअसल मंदिर में VIP दर्शन और प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी को लेकर अखिल भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि महाकाल मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था पूरी तरह खत्म की जाए।

दरअसल मोर्चा का कहना है कि भस्म आरती सहित कई दर्शनों में VIP लोगों को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं, जबकि आम भक्त घंटों लाइन में लगकर दर्शन करते हैं। विशेष अनुमति के नाम पर कुछ लोगों को सीधे प्रवेश और बैठने की सुविधा मिल जाती है, जिससे आम श्रद्धालु खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं।

इस व्यवस्था को तुरंत बंद करने की मांग की

मोर्चा के अध्यक्ष किशोर कुशवाह ने महाकाल मंदिर समिति से इस व्यवस्था को तुरंत बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि सालभर, खासकर सोमवार, शिवरात्रि और बड़े त्योहारों पर VIP लोगों को नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती देखने की सुविधा दी जाती है। वहीं आम भक्तों को ऐसी सुविधा नहीं मिलती। उनका कहना है कि भगवान के दरबार में सभी भक्त बराबर होते हैं और किसी को उसके पद, पहचान या प्रभाव के आधार पर अलग सुविधा देना गलत है।

पहचान और प्रभाव के आधार पर दर्शन की अलग व्यवस्था बनाई जा रही

दरअसल किशोर कुशवाह ने मंदिर में आने वाले सेलिब्रिटी और उन्हें मिलने वाली विशेष व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब ये सेलिब्रिटी मंदिर को कोई बड़ा दान नहीं देते, तो फिर उन्हें खास सुविधा क्यों दी जाती है? उनका आरोप है कि पहचान और प्रभाव के आधार पर दर्शन की अलग व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे आम श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है।

पुरानी व्यवस्था का भी जिक्र किया

उन्होंने पुरानी व्यवस्था का भी जिक्र किया, जिसमें पहले 25 आम भक्तों को नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती देखने का मौका मिलता था। कुशवाह ने कहा कि यह व्यवस्था आम श्रद्धालुओं के सम्मान के लिए अच्छी पहल थी, लेकिन VIP और सेलिब्रिटी को प्राथमिकता देने के कारण इसे बंद कर दिया गया। उनके मुताबिक इससे आम भक्तों के अधिकार प्रभावित हुए हैं।

अखिल भारतीय मंदिर मठ सनातन धर्म मोर्चा ने अपने पत्र में मांग की है कि सिर्फ महाकाल मंदिर ही नहीं, बल्कि देशभर के सभी मंदिरों में VIP और प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था खत्म की जाए। मोर्चा का कहना है कि भगवान के सामने सभी भक्त समान हैं और किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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