महाकाल सवारी के हाथी श्यामू का ब्लड टेस्ट करने पहुंची टीम, मालिक ने किया विरोध, जमकर हुआ विवाद

महाकाल की सवारी में निकलने वाले हाथी श्यामू के स्वास्थ्य और रखरखाव को लेकर सितंबर 2025 से विवाद की स्थिति देखने को मिल रही है। अब हाल ही में ब्लड टेस्ट लेने पहुंची टीम का मालिक और परिवारजनों ने विरोध किया।
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उज्जैन में महाकाल की सवारी के साथ श्यामू हाथी लंबे समय से निकल रहा है। इसे लेकर पहले भी विवाद हो चुका है और अब एक बार फिर विवाद गरमाता दिखाई दे रहा है। पिछले करीब 9 महीने से श्यामू के स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बता दें कि विशेषज्ञों के निगरानी में श्यामू की देखभाल की जा रही है। अब हाल ही में तब विवाद हो गया जब पन्ना टाइगर रिजर्व, इंदौर और उज्जैन के संयुक्त टीम स्वास्थ्य परीक्षण करने और ब्लड सैंपल लेने के लिए पहुंची। यहां हाथी मालिक और परिजनों में टीम को अपना काम नहीं करने दिया।

श्यामू को लेकर हुआ विवाद

श्यामू का स्वास्थ्य कैसा है यह पता करने के लिए टीम ब्लड सैंपल लेने पहुंची थी। लेकिन विवाद बढ़ने के बाद बिना ब्लड सैंपल लिए केवल मलमूत्र के नमूने लेकर लौट गई। टीम का कहना है कि जब वह मौके पर जांच के लिए पहुंचे तो श्यामू वहां पर जंजीर से बंधा हुआ था।

नहीं लेने दिया सैंपल

जब स्वास्थ्य जांच के लिए टीम ने इंजेक्शन लगाकर खून का नमूना लेने की कोशिश की तो हाथी मलिक सरमन गिरी और उनके परिवार ने इसका जमकर विरोध किया। काफी देर तक गहमागहमी और बहस चलती रही। जांच के लिए पहुंची टीम का कहना है कि हाथी को समस्या है। वहीं मालिक का कहना है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है।

हाथी को हो रही समस्या?

पशु चिकित्सक डॉ मुकेश जैन का कहना है कि टीम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची थी क्योंकि श्यामू वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत शेड्यूल 1 श्रेणी का वन्य जीव है। हाथी के पैरों में गंभीर समस्या है और उसके पैर मुड़ने लगे हैं। ऐसे में वह कभी भी चलते-चलते गिर सकता है। बीमारी की सही स्थिति जानने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाना था लेकिन विरोध की वजह से यह नहीं हो सका।

हमारा रामू स्वस्थ्य: मालिक

हाथी मलिक सरमन गिरी ने स्वास्थ्य टीम के दावों को खारिज करते हुए यह कहा है कि श्यामू पूरी तरह से स्वस्थ है। उन्होंने कहा 2006 से वो इस हाथी को संभाल रहे हैं और उनके पास वैध दस्तावेज मौजूद है। उन्होंने या आरोप लगाया कि कुछ लोग हाथी को यहां से हटाकर वनतारा या फिर किसी चिड़ियाघर में भेजना चाहते हैं इसलिए उसे बीमार बताया जा रहा है। उन्होंने यह कहा कि अगर उसके पैरों में समस्या होती तो वह साल 2016 से अभी तक सवारी में कैसे शामिल होता। वो ये सवाल करते दिखाई दिए कि अगर श्यामू अनफिट है तो उसे महाकाल मंदिर की सवारी में शामिल होने की अनुमति क्यों दी गई है।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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