महाकालेश्वर दर्शन के समय में हुआ बदलाव, यहां जानें कब मिलेगा गर्भगृह में प्रवेश

Mahashivratri Mahakal Darshan

Mahakaleshwar: महाकालेश्वर के गर्भगृह में आज से एक बार फिर आम दर्शनार्थियों के लिए दर्शन शुरू कर दिए गए हैं। 24 दिसंबर से भीड़ को देखते हुए 5 जनवरी तक के लिए गर्भगृह में प्रवेश बंद कर दिया गया था। लेकिन अब एक बार फिर 15 सौ रुपए की टिकट लेकर आम दर्शनार्थी बाबा का गर्भगृह में जाकर पूजन अर्चन कर सकते हैं।

आज सुबह 6 बजे से दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता मंदिर में उमड़ता हुआ दिखाई दिया। टिकट लेकर दर्शनार्थियों ने बाबा महाकाल का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर में प्रवेश लिया।

महाकालेश्वर गर्भगृह प्रवेश का समय

महाकालेश्वर के गर्भगृह में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं के लिए सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक का समय तय किया गया है। 15 सौ रुपए का टिकट लेकर जो श्रद्धालु प्रवेश करेंगे उन्हें पूजन अर्चन करने की अनुमति दी जाएगी

इस दिन नहीं मिलेगा प्रवेश

गर्भगृह में आम श्रद्धालुओं द्वारा पूजन अर्चन करने के लिए दो व्यवस्थाएं रखी गई है। एक व्यवस्था शुल्क देकर दर्शन करने की है और दूसरी व्यवस्था निशुल्क दर्शन की है। शनिवार, रविवार और सोमवार को मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या काफी ज्यादा रहती है जिसके चलते आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया जाता है।

इसके अलावा मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक और शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में निशुल्क दर्शन करने दिए जाते हैं। इस दौरान श्रद्धालु अभिषेक पूजन तो नहीं कर सकते लेकिन बाबा को प्रणाम जरूर कर सकते हैं। अगर श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा बढ़ जाती है तो इस व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है।

शिवरात्रि पर उमड़ेगा सैलाब

18 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है और इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में दर्शन व्यवस्था में फिर से बदलाव किया जा सकता है। नववर्ष में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा थी तो उन्हें चारधाम से लाइन में लगाकर महाकाल लोक (Mahakal Lok) के मानसरोवर से होते हुए गणेश मंडपम से दर्शन करवाए गए थे। महाशिवरात्रि पर भी इसी तरह की व्यवस्था रखी जा सकती है। मंदिर समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यही प्रयास किया जाएगा कि लोगों को ज्यादा देर रोका ना जाए और चलित दर्शन व्यवस्था चलती रहे।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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