नागदा में नई दिल्ली-मुंबई रेल कॉरिडोर के तहत दो रेल लाइन डाली जाने वाली है। जिसका विरोध अब शहर वासियों और प्रभावितों द्वारा शुरू कर दिया गया है। इसके लिए नागदा बचाओं समिति का गठन कर जन आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई है।
इस मामले में सांसद अनिल फिरोजिया भी दिल्ली में रेलवे अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए पहुंचे। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को सारी जानकारी दी। जिस पर उन्हें हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया गया है।
बायपास ट्रैक है प्रस्तावित
बता दें कि मुंबई से जो भी मालगाड़ियां आती हैं। उनके लिए नागदा में एक नया रेलवे बायपास ट्रैक बनाया जाना प्रस्तावित है। ये बायपास सीधा दिल्ली से जोड़ा जाएगा। जिससे मालगाड़ियों को नागदा स्टेशन या मुख्य यार्ड जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस परियोजना को धरातल पर उतारने में 75 प्रतिशत निजी और 25 प्रतिशत सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया जाने वाला है, जिसका प्रारंभिक सर्वे किया जा चुका है।
क्यों हो रहा विरोध
बता दें कि यह प्रस्तावित ट्रैक शहर के बिल्कुल करीब से गुजर रहा है। इसकी वजह से आवासीय कॉलोनी, पेट्रोल पंप, दुकानें और किसानों की जमीन प्रभावित होने वाली है। इस संबंध में नागदा बचाओ समिति की तरफ से ज्ञापन भी दिया गया है लेकिन अब तक कोई आश्वासन नहीं मिला है। यही वजह है कि धरना प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
जनप्रतिनिधि बने जनता की आवाज
लोगों के इस मुद्दे को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय जनप्रतिनिधि आगे आए हैं। सांसद अनिल फिरोजिया ने दिल्ली में रेल मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात का स्थानीय लोगों की चिंता उनके सामने जाहिर की। इस पर अधिकारियों की ओर से हर संभव मदद करने और सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है। वहीं थावरचंद गहलोत की ओर से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इस रेल लाइन को शहर से दूर निकालने का सुझाव दिया गया है।


रेलवे का क्या प्लान
इस बारे में पश्चिम रेलवे का कहना है कि अभी केवल प्रारंभिक सर्वे किया गया है और इसे अंतिम नहीं माना जा सकता। वरिष्ठ अधिकारी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और तकनीकी परीक्षण के बाद ही अंतिम रूट तय किया जाएगा।







