कांग्रेस ज्वाइन करते ही प्रेमचंद गुड्डू महाकाल दर्शन को पहुंचे, सिंधिया पर फिर बरसे

कांग्रेस ज्वाइन करते ही प्रेमचंद गुड्डू महाकाल दर्शन को पहुंचे, सिंधिया पर फिर बरसे

उज्जैन| डा.योगेश कुल्मी| पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू (Premchand Guddu) और उनके बेटे अजीत बौरासी ने आख़िरकार कांग्रेस (Congress) ज्वाइन कर ली| लम्बे समय से गुड्डू की कांग्रेस में वापसी की अटकलें लगाईं जा रही थी| इस बीच भाजपा (BJP) और प्रेमचंद गुड्डू के बीच पत्रों के जरिए सामने आये विवाद के बाद कांग्रेस में वापसी तय मानी जा रही थी| रविवार को उन्होंने फिर कांग्रेस की सदस्यता ले ली। कांग्रेस में शामिल होने के बाद प्रेमचंद गुड्डू सीधे महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) पहुंचे| इस दौरान उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) पर एक बार फिर निशाना साधा|

पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस ज्वाइन कर सीधे महाकाल मंदिर पहुंचे| जहां उन्होंने बाहर से शिखर दर्शन किए और अपने समर्थकों से मिलकर रवाना हो गए| इस दौरान प्रेमचंद गुड्डू ने कहा आज कांग्रेस में वापसी कर मन को सुकून मिल रहा है , ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसी सामंतवादी ताकतों के कारण कांग्रेस छोड़ी थी| वहीं उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा आगामी चुनाव में कांग्रेस सभी सीटों पर चुनाव जीतेगी, हम ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नेताओं को जनता के सामने एक्सपोज करेंगे|

बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए थे| लेकिन भाजपा में उनकी पटरी नहीं बैठी और जल्द ही उनका मोह भंग हो गया| इस बीच उनके सिंधिया को लेकर एक बयान से सियासत गरमा गई और जिसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओं नोटिस दिया था, इस पर गुड्डू ने कहा था कि वे पहले ही भाजपा से इस्तीफा दे चुके हैं। फिर कुछ समय बाद भाजपा ने उन्हें प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद से ही तय माना जा रहा था कि गुड्डू की कांग्रेस में वापसी तय है| कांग्रेस उपचुनाव में गुड्डू को सांवेर सीट से तुलसी सिलावट के खिलाफ मैदान में उतार सकती है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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