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सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने ‘अल्लाह’ वाले विवादित प्रश्न पर पेपरसेटर को किया ब्लैकलिस्ट, छात्रों को मिलेगा एक-एक अंक

Written by:Ankita Chourdia
Published:
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने बीकॉम और बीसीए की परीक्षा में पूछे गए विवादित 'अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं' सवाल पर तत्काल कार्रवाई की है। बता दें कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र सेट करने वाले को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने ‘अल्लाह’ वाले विवादित प्रश्न पर पेपरसेटर को किया ब्लैकलिस्ट, छात्रों को मिलेगा एक-एक अंक

सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष की फाउंडेशन पेपर परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर सख्त कार्रवाई की है। दरअसल विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पेपरसेटर को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और सभी विद्यार्थियों को विवादित प्रश्न के बदले एक-एक अंक देने का फैसला किया है। जांच में सामने आया कि यह प्रश्न विश्वविद्यालय के निर्धारित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं था।

दरअसल 5 अप्रैल को आयोजित परीक्षा में बीकॉम और बीसीए तृतीय वर्ष के फाउंडेशन पेपर में एक बहुविकल्पीय प्रश्न पूछा गया था, जिसमें लिखा था— “अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है।” इसके साथ चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें सोमेश्वर, खुदा, शक्तिवान और दंड देने वाला शामिल थे। प्रश्नपत्र सामने आने के बाद यह सवाल तेजी से चर्चा में आ गया और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी।

आधिकारिक पाठ्यक्रम में शामिल नहीं था प्रश्न

वहीं विवाद बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया। इस समिति में डॉ. अंजना पांडेय, प्रोफेसर जगदीश शर्मा और प्रोफेसर शशि जोशी को शामिल किया गया। समिति को निर्देश दिया गया था कि वह पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपे। जांच के बाद समिति ने पाया कि विवादित प्रश्न विश्वविद्यालय के आधिकारिक पाठ्यक्रम में शामिल नहीं था और इसे पेपरसेटर ने अपने स्तर पर प्रश्नपत्र में जोड़ा था। इसे नियमों और निर्धारित पाठ्यक्रम का उल्लंघन मानते हुए परीक्षा समिति ने संबंधित पेपरसेटर को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने का फैसला लिया।

पेपरसेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि पेपरसेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उसे भविष्य में विश्वविद्यालय के किसी भी शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक कार्य से प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक गरिमा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और पाठ्यक्रम से बाहर जाकर किसी भी विवादित सामग्री को स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी फैसला किया है कि विवादित प्रश्न को मूल्यांकन से हटा दिया जाएगा। इसके स्थान पर सभी विद्यार्थियों को एक-एक अतिरिक्त अंक दिया जाएगा, ताकि उनके परीक्षा परिणाम पर इस घटना का कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

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