Hindi News

कांग्रेस विधायक कौल सिंह ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरा , बोले- ‘तीन महीने तक ट्रांसफर नहीं होते’

Written by:Banshika Sharma
Published:
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कौल सिंह ठाकुर ने अपनी ही सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। दरअसल उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मॉडल को मौजूदा व्यवस्था से बेहतर बताया है, खासकर ट्रांसफर और पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के मामले में उन्होंने यह बयान दिया।
कांग्रेस विधायक कौल सिंह ठाकुर ने सुक्खू सरकार को घेरा , बोले- ‘तीन महीने तक ट्रांसफर नहीं होते’

कांग्रेस के आठ बार के विधायक और तीन बार मंत्री रहे कौल सिंह ठाकुर ने अपनी ही सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठाए हैं। दरअसल द्रंग विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को मौजूदा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से बेहतर बताया। उन्होंने सरकार पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोप लगाए और कहा कि इससे जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता मायूस हैं।

दरअसल कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि किसी की ट्रांसफर कराने के लिए तीन-तीन महीने तक आदेश नहीं होते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ दिन पहले प्रिंसिपल बने लोगों के लिए उन्होंने कुछ नाम दिए थे, लेकिन जिन लोगों को प्रमोट किया गया, उन्हें दूर-दराज के दुर्गम क्षेत्रों में भेज दिया गया।

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले प्रिंसिपल बने लोगों के लिए मैंने कुछ नाम दिए थे, लेकिन जिनके नाम दिए गए उन्हें दूर-दराज के इलाकों में भेज दिया गया। फिर अपनी पार्टी का क्या फायदा है। हमारे कई स्कूल खाली हैं और जो प्रमोट हुए, उन्हें बाहर भेज दिया गया। इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।” कौल सिंह ठाकुर यहीं नहीं रुके। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की कार्यशैली की तारीफ की और कहा कि उनके समय में प्रशासनिक कामकाज ज्यादा व्यवस्थित था और कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाती थी।

पुरानी सरकार से तुलना, कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर सवाल

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए हों। इससे पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और पूर्व सीपीएस नीरज भारती सहित कई नेता सरकार की कार्यप्रणाली और संगठन से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंता जता चुके हैं। कौल सिंह ठाकुर का यह बयान कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान को और उजागर कर रहा है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह स्थिति साल 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

दरअसल कौल सिंह ठाकुर का बयान कई मायनों में अहम माना जा रहा है। इससे कांग्रेस के अंदर नेतृत्व और प्रशासनिक तालमेल की कमी भी सामने आती है। साथ ही यह भी संकेत मिलता है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं को फैसलों में उतनी अहमियत नहीं मिल रही है। अगर समय रहते इन मुद्दों को नहीं सुलझाया गया, तो इसका असर आने वाले चुनावों में पार्टी की एकजुटता पर पड़ सकता है। उनके बयान को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना माना जा रहा है।

नई पार्टी की चर्चा और भाजपा का निशाना

वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कौल सिंह ठाकुर के साथ-साथ कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी अंदर ही अंदर नाराज बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से यह चर्चा भी चल रही है कि कांग्रेस से नाराज कुछ नेता राज्य में नई पार्टी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। पूर्व भाजपा सरकार में मंत्री रहे रामलाल मारकंडा कांग्रेस और भाजपा के नाराज नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कौल सिंह ठाकुर से भी रामलाल मारकंडा की मुलाकात हुई है। मारकंडा का दावा है कि जल्द ही नई पार्टी बनाई जा सकती है। ऐसे में अगर कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर नहीं करती है, तो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लग सकता है।

इस बीच भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने भी कांग्रेस सरकार और संगठन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में अब कुछ भी ठीक नहीं बचा है। व्यवस्था परिवर्तन का नारा देने वाली कांग्रेस अब व्यवस्था पतन की ओर बढ़ रही है।”

शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार और संगठन दोनों में अंदरूनी खींचतान और असंतोष साफ दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि कई वरिष्ठ नेता घुटन महसूस कर रहे हैं और उनके काम भी नहीं हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और उनकी “मित्र सेना” पर नजदीकियों के आधार पर फैसले लेने का आरोप लगाया है, जिससे आम कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी बढ़ रही है।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
Follow Us :GoogleNews