उज्जैन जिले का तराना इलाका बीते 24 घंटे से तनाव की चपेट में है। दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें आगजनी, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। हालात इस कदर बिगड़े कि एक यात्री बस को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में 9 थानों की पुलिस तैनात कर दी है। लगातार दूसरे दिन हुई हिंसा के बाद आम लोगों में डर है, वहीं प्रशासन शांति बहाल करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
कैसे शुरू हुआ तराना में विवाद
तराना में हिंसा की शुरुआत गुरुवार शाम उस समय हुई, जब दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी हो गई। शुरुआत में यह विवाद सामान्य लगा, लेकिन कुछ ही समय में यह इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आने लगीं। देखते ही देखते दुकानों के शटर गिर गए और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
इस दौरान उपद्रवियों ने कई वाहनों को निशाना बनाया और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। शाम होते-होते पूरे इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन भीतर ही भीतर माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो पाया।
शुक्रवार सुबह फिर भड़की हिंसा
गुरुवार रात की घटनाओं के बाद शुक्रवार सुबह एक बार फिर तराना में हालात बिगड़ते नजर आए। सुबह होते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए। दोनों पक्षों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा था। देखते-ही-देखते विवाद ने फिर हिंसक रूप ले लिया और पथराव शुरू हो गया।
इस दौरान कई बसों और अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक बढ़ी भीड़ और अफवाहों के कारण तनाव और गहरा गया। हालात इतने संवेदनशील हो गए कि पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
दोपहर में बस जलाने की घटना
तराना में शुक्रवार दोपहर स्थिति उस वक्त और गंभीर हो गई, जब उपद्रवियों ने एक यात्री बस को आग के हवाले कर दिया। बस में आग लगते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया, जिससे दहशत और बढ़ गई।
इसी दौरान पथराव की एक घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
9 थानों की पुलिस तैनात
लगातार हो रही हिंसा को देखते हुए उज्जैन जिला प्रशासन ने तराना में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। इलाके में 9 थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि हालात फिर न बिगड़ें।
प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।





