उज्जैन जिले के तराना शहर में गुरुवार शाम अचानक हालात बिगड़ गए, जब एक स्थानीय विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। देखते ही देखते शहर में तनाव का माहौल बन गया और सार्वजनिक स्थानों पर अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस को तत्काल सख्ती बरतनी पड़ी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तराना में धारा-144 लागू कर दी गई है और जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है ताकि दोबारा कोई अप्रिय स्थिति न बने।
तराना में कैसे भड़का विवाद, जानलेवा हमले का आरोप
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला तराना के आरएसएस कार्यालय के पास स्थित राम मंदिर क्षेत्र से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता सोहिल ठाकुर वहां बैठे हुए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनका एक युवक से विवाद हो गया।
विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और सोहिल ठाकुर पर हमला कर दिया गया। हमले की खबर मिलते ही उनके परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। देखते ही देखते मामला दो पक्षों के बीच टकराव में बदल गया और इलाके में तनाव फैल गया।
बस स्टैंड पर तोड़फोड़, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
घटना की जानकारी फैलते ही तराना में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। आक्रोशित भीड़ का एक हिस्सा बस स्टैंड की ओर पहुंच गया, जहां खड़ी बसों में जमकर तोड़फोड़ की गई। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने से हालात और गंभीर हो गए।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को बल प्रयोग कर लोगों को वहां से हटाना पड़ा। प्रशासन के अनुसार, प्राथमिक उद्देश्य भीड़ को तितर-बितर कर हालात को काबू में लाना था। इसी बीच शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-144 लागू कर दी गई, ताकि किसी भी तरह की भीड़ जमा न हो सके।
घायल युवक का इलाज जारी, पुलिस ने दर्ज किया मामला
घायल सोहिल ठाकुर को तत्काल इलाज के लिए उज्जैन जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और खतरे से बाहर बताई जा रही है। परिवार का कहना है कि समय रहते इलाज मिल जाने से बड़ा नुकसान टल गया।
मामले में पुलिस ने करीब छह लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि विवाद अचानक कैसे बढ़ा और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
एसपी प्रदीप शर्मा बोले-स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
उज्जैन जिले के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मामले पर बयान देते हुए कहा कि तराना की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने आक्रोश में आकर वाहनों में तोड़फोड़ की थी, उन्हें समझाइश दी गई है और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता शांति बनाए रखना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।





