बाबा महाकाल की राजसी सवारी को लेकर मंदिर में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। आखिरी सोमवार को बाबा महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे। इससे पहले नंदी हॉल, गर्भगृह, सभा मंडप, ओंकारेश्वर, जूना महाकाल और परिसर के दूसरे हिस्सों को फूलों से सजाया जा रहा है। फूल बंगले की सजावट का काम इंदौर से आई करीब 25 लोगों की टीम कर रही है।
महाकाल मंदिर में 20 क्विंटल फूलों से सजावट
महाकाल मंदिर में इस बार करीब 20 क्विंटल फूलों का इस्तेमाल फूल बंगला सजाने में किया जा रहा है। खास बात यह है कि सजावट के लिए थाईलैंड से भी फूल मंगाए गए हैं। इसके अलावा नागपुर, मथुरा और मुंबई से अलग-अलग किस्म के फूल उज्जैन पहुंचे हैं। इन फूलों से मंदिर के प्रमुख हिस्सों को आकर्षक रूप दिया जा रहा है। नंदी हॉल और गर्भगृह में सजावट का काम शुरू हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों में भी तेजी से काम चल रहा है।
24 साल से बाबा के दरबार में सज रहा फूल बंगला
महाकाल मंदिर में फूल बंगला सजाने की परंपरा काफी पुरानी है। सजावट करने वाली टीम के अनुसार, लगातार 24 वर्षों से बाबा महाकाल के दरबार में फूलों से सजावट की जा रही है। इस बार भी सजावट का काम खास तरीके से किया जा रहा है। इंदौर से आई करीब 25 लोगों की टीम सुबह से मंदिर परिसर में काम कर रही है। सजावट को आखिरी रूप देने का काम अगले दिन सुबह तक पूरा करने की तैयारी है।
आखिरी सवारी में नगर भ्रमण पर निकलेंगे बाबा महाकाल
भादौ मास के आखिरी सोमवार को बाबा महाकाल की आखिरी सवारी निकलेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, बाबा महाकाल राजसी ठाठ-बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकलकर अपनी प्रजा का हाल जानने जाते हैं। सवारी को लेकर उज्जैन में श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ गया है। बड़ी संख्या में भक्त पहले से महाकाल मंदिर पहुंच रहे हैं। आखिरी सवारी से पहले फूलों से सजा बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा।
देश-विदेश के फूलों से बदलेगा मंदिर का नजारा
महाकाल मंदिर में थाईलैंड के फूलों के साथ नागपुर, मथुरा और मुंबई से आए फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अलग-अलग रंग और किस्म के फूलों से मंदिर के हिस्सों को सजाया जा रहा है। इससे महाकाल का दरबार रंगों और फूलों की खुशबू से भरा नजर आएगा। खास फूल बंगला तैयार होने के बाद मंदिर की सजावट और भी आकर्षक हो जाएगी। वहीं सोमवार की राजसी सवारी के दौरान उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के इस विशेष श्रृंगार और सजे हुए दरबार के दर्शन होंगे।






