उज्जैन की गलियां आज एक बार फिर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंजने वाली है। शाम 4 बजे एक बार फिर राजाधिराज अपनी रजत पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर रवाना होंगे। देशभर से लाखों श्रद्धालु शाही सवारी देखने के लिए उज्जैन पहुंचेंगे।
हर साल सावन भादो मास के अन्य सोमवार को निकलने वाली सवारी की अपेक्षा शाही सवारी का मार्ग ज्यादा बड़ा होता है। ये मार्ग लगभग साढ़े 5 किलोमीटर का होगा। जिसमें अलग अलग बैंड, झांकियां और भजन मंडलियां शामिल होंगी।
6 घंटे चलेगा सवारी का क्रम
सभा मंडप में पूजा के बाद शाम 4 बजे सवारी का क्रम शुरू होगा। महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बलों की टुकड़ी बाबा को गार्ड ऑफ ऑनर देगी। यहां से राजाधिराज अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर रवाना होंगे। ये क्रम लगभग 6 घंटे तक चलेगा। शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए सवारी रात 10 बजे मंदिर पहुंचेगी।

सवारी का रूट और समय
महाकाल मंदिर से शाम 4 बजे रवाना होने वाली सवारी 4:20 पर कोट मोहल्ला 4:30 पर गुदरी चौराहा, 4:45 पर बक्शी बाजार, 5 बजे हरसिद्धि पाल, 5:15 पर रामघाट पहुंचेगी। यहां शिप्रा जल से पूजा के बाद एक बार फिर सवारी का क्रम शुरू होगा।
लगभग 6 बजे पालकी मुंबई वाले की धर्मशाला पहुंचेगी। 6:30 बजे गणगौर दरवाजा, 7 बजे सत्यनारायण मंदिर, 7:30 बजे कमरी मार्ग, 7:45 टंकी चौराहा, 8 बजे तेलीवाड़ा चौराहा, 8:30 कंठाल चौराहा, 9 बजे गोपाल मंदिर, 9:30 बजे गुदरी चौराहा, 9:45 पर कोट मोहल्ला और 10 बजे वापस मंदिर परिसर में पहुंचेगी।
पुलिस बैंड और भजन मंडलियां
सवारी में महाकालेश्वर मंदिर के प्रचार वाहन के साथ भजन मंडली, तोपची, यातायात पुलिस, महाकाल का रजत ध्वज, घुड़सवार, सशस्त्र बल, स्काउट गाइड और सेवा समिति का बैंड शामिल होगा। शहर के अलग अलग बैंड भी सवारी में शामिल होंगे और कुछ बैंड बाहर से भी आएंगे। लगभग 70 भजन मंडलियां सवारी का हिस्सा बनेंगी। जिनके पीछे पालकी और बाबा महाकाल के अन्य स्वरूप देखने को मिलेंगे।
इन स्वरूपों में होंगे दर्शन
ये बाबा महाकाल की छठवीं ऐसे में भक्तों को 6 अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन भी होने वाले हैं। पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव, नंदी रथ पर उमा महेश, वहीं डोल रथ पर होल्कर स्टेट मुखारविंद और सप्तधान मुखारविंद के दर्शन होंगे।
ड्रोन से होगी पुष्पवर्षा
सवारी में हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा का नजारा तो जनता ने देखा है। अब राजसी सवारी में ड्रोन से पुष्पवर्षा की जाएगी। पूरे मार्ग में पुष्पवर्षा का ये क्रम जारी रहेगा। इसके लिए देश विदेश से 50 क्विंटल फूल मंगाए जा रहे हैं। सबसे पहले गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पुष्पवर्षा होगी। इसके बाद शिप्रा तट पर पूजन के समय और गोपाल मंदिर पर पुष्पवर्षा होगी। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।






