उज्जैन के महाकाल की तरह मंदसौर के पशुपतिनाथ को लेकर भक्तों के बीच गहरी आस्था है। यहां भी दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बीते दिन अष्टमुखी पशुपतिनाथ महादेव के दरबार में 48 साल से चली आ रही परंपरा एक बार फिर निभाई गई।
दरअसल, रविवार रात यहां छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन किया गया। गर्भगृह में भगवान पशुपतिनाथ को 56 तरह के व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचे। इस दौरान भगवान का ड्रायफ्रूट से विशेष श्रृंगार किया गया।
पशुपतिनाथ को लगा 56 भोग
पशुपतिनाथ महादेव को 56 भोग लगाया गया। जिसमें कई तरह के व्यंजन और मिठाई शामिल थे। सभी व्यंजनों को मावे और देसी घी से बनाया गया था। मंदिर समिति द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक भीलवाड़ा से कारीगरों को व्यंजन तैयार करने के लिए बुलाया गया था। सारी सामग्री तैयार करने में तकरीबन सात दिन का वक्त लगा। इसके बाद सभी चीजों को आकर्षक तरीके से सजाकर भोग लगाया गया।
किया गया आकर्षक श्रृंगार
छप्पन भोग के इस अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ का विशेष श्रृंगार भी किया गया। ड्राई फ्रूट से भगवान की पगड़ी और माला तैयार की गई। अन्य श्रृंगार भी सूखे मेवे से किया गया। इस दौरान मंदिर में हवन और महारुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया। कई श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने के लिए मंदिर पहुंचे।
48 साल से चल रही परंपरा
मंदिर में 56 भोग लगाने की ये परंपरा पिछले 48 साल से चली आ रही है। छोटे स्वरूप के साथ शुरू हुआ छप्पन भोग लगाने का ये क्रम समय के साथ बड़ा होता चला गया। हर साल प्रातः कालीन आरती मंडल की ओर से सावन खत्म होने के बाद आने वाले पहले रविवार को इस परंपरा को निभाया जा रहा है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।






