उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर जो मामला शुरू हुआ था, वह थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है।
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का कांग्रेस विरोध करते दिखाई दे रही है। यह विरोध बुधवार शाम मंदसौर में भी देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडिशनल एसपी को सौंपा। इसमें राहुल गांधी पर की गई FIR और हल्द्वानी मामले पर कार्रवाई की मांग की गई है।
कांग्रेस का क्या कहना
इस पूरे मामले में कांग्रेस का कहना है कि हल्द्वानी में कोई खड़गे की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किया गया। पार्टी ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़कर पेश किया है और इस पर आपत्ति जताई है। राहुल गांधी ने भी यह मुद्दा उठाया था और कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद हल्द्वानी में उनके खिलाफ एफआईआर हुई थी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। जब ASP ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे तो उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कार्यालय के मर्यादा बना कर रखने को कहा। इस पर कांग्रेसी और तेजी से भारत माता की जय, राहुल गांधी जिंदाबाद और कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। नारेबाजी देखकर ASP कार्यालय के अंदर जाने लगे तो आवाज में और तेज हो गई और कांग्रेसी कार्यालय के बाहर बैठ गए। एएसपी ने दोबारा ज्ञापन देने को कहा। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की यह भी कहां कि राजनीति आप ऑफिस के बाहर कीजिए इसके बाद ज्ञापन पढ़ा गया और एएसपी ने ज्ञापन प्राप्त किया।

ये मांगे रखी
मंदसौर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जो ज्ञापन दिया है। उसमें कहा गया है कि यह घटना अनुसूचित जाति समाज के सम्मान से जुड़ी हुई है। इस कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर का भी जिक्र है। इसे राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया गया है और रद्द करने की मांग की गई। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से पूरे मामले में दखल देने और जरूरी निर्देश देने की मांग की।






