उज्जैन रहेगा टोटल लॉकडाउन, चयनित दवाई की दुकानें खुलेंगी

उज्जैन रहेगा टोटल लॉकडाउन, चयनित दवाई की दुकानें खुलेंगी

उज्जैन| अर्पण कुमार@उज्जैन| समीक्षा उपरांत उज्जैन नगर में लागू कर्फ्यू आदेश में संशोधन किया गया, किराना एवम अन्य दुकाने पूरी तरह बंद रहेगी, घर पंहुच सेवा जारी रहेगी, चिन्हित दवा की दुकाने 24 घण्टे खुली रहेगी, नगर सीमा में निवास करने वाले व्यक्तियों का घर से निकलना प्रतिबंधित किया गया है।

कलेक्टर शशांक मिश्र द्वारा कोरोनावायरस के संक्रमण के दृष्टिगत धारा 144 के तहत जारी किए गए कर्फ्यू आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए आदेश दिए गए हैं कि उज्जैन नगर निगम सीमा के अंतर्गत निवास करने वाले व्यक्तियों को उनको घरों से निकलना पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है ।
जारी आदेश के तहत किराना, ग्रोसरी, ब्रेड, फल, सब्जी ,दूध डेयरी और रसोई गैस एजेंसी की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेगी। इन वस्तुओं की घर पहुंच सेवा जारी रहेगी तथा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे तक इनका संचालन हो सकेगा। प्रत्येक सेक्टर के लिए चयनित दवाई की दुकानें 24 घंटे निरंतर खुली रहेगी ।अति आवश्यक होने पर एक व्यक्ति पैदल जा कर दवाई ला सकेगा। दवा बाजार प्रातः 10:00 बजे से अपराहन 3:00 बजे तक आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति हेतु खुला रहेगा । बैंक प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक शटर बन्द रखते हुए अपने आंतरिक कार्य कर सकेंगे।
जरूरत मन्द बेसहारा लोगों को भोजन के पैकेट वितरण हेतु सामाजिक संस्थाएं दोपहर 12:00 से 2:00 बजे तक और शाम 5:00 से 7:00 तक भोजन का वितरण कर सकेंगे । समाचार वितरण करने वाले प्रातः 6:00 से 8:00 बजे तक समाचार पत्र वितरित कर सकेंगे ।उक्त प्रतिबंध स्वास्थ्य विभाग के अमले जो बीमारी की रोकथाम में लगे हुए हैं, पुलिस बल के सदस्यों ,कार्यपालक मजिस्ट्रेट,कर्तव्य पर उपस्थिति कर्मियों, विद्युत मंडल के कर्मचारियों ,नगर निगम उज्जैन के आवश्यक सेवा में लगे कर्मचारियों ,एंबुलेंस सेवा 108 ,प्रेस कर्मियों एवं आवश्यक वस्तु रसोई गैस सिलेंडर की घर पहुंच सेवा में लगे कर्मचारियों पर व इनके लिए आवश्यक वाहनों के परिचालन पर लागू नहीं होंगे ।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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